यस बैंक में दी ग्राहकों को वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के बचाव की जानकारी
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) यस बैंक अपने ग्राहकों की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है। और अपने ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के उपाय अपनाता है, जिनमें कई फ़ायरवॉल समाधान, डेटा एन्क्रिप्शन और धोखाधड़ी का पता लगाने वाले उपकरण शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए,
आज यस बैंक शाखा प्रबंधक सतीश वर्मा ने ग्राहकों को वित्तीय साइबर धोखाधड़ी को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हम आपको धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के संकेतों को पहचानने में मदद करना चाहते हैं ताकि आप खुद भी सुरक्षित रह सकें।
साइबर फ्रॉड (ऑनलाइन धोखाधड़ी) एक तरह की अवैध ऑनलाइन गतिविधि है, जिसमें अपराधी लोगों को धोखा देकर डेटा, पैसा और प्रतिष्ठा चुराते हैं, और यह UPI, सोशल मीडिया (फेक प्रोफाइल, लालच), फ़िशिंग और रैंसमवेयर जैसे तरीकों से होता है;
यह मोबाइल इंटरनेट का उपयोग करके की जाने वाली धोखाधड़ी है, जिसमें लोग वित्तीय नुकसान, डेटा चोरी या पहचान की चोरी के शिकार होते हैं.इसमें नकली कॉल, मैसेज, वेबसाइट, या ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है.
बैंक या किसी विश्वसनीय संस्था का नकली मैसेज या ईमेल भेजकर आपकी निजी जानकारी (पासवर्ड, OTP) मांगना।
UPI फ्रॉड: QR कोड स्कैन कराकर या KYC अपडेट के बहाने पैसे ट्रांसफर करवाना। अपना OTP, पासवर्ड, CVV किसी से शेयर न करें। मजबूत पासवर्ड: मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करें।
तत्काल कॉल: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 डायल करें।
स्थानीय पुलिस: अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराएं। आर्थिक लेनदेन चेक के माध्यम से ही अधिक सुरक्षित है।
साइबर धोखाधड़ी क्या है?
साइबर धोखाधड़ी, मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से साइबर हमलावरों द्वारा किए गए अपराधों के लिए एक व्यापक शब्द है। ये अपराध किसी व्यक्ति या व्यवसाय की संवेदनशील जानकारी को अवैध रूप से प्राप्त करने और उसका आर्थिक लाभ उठाने के इरादे से किए जाते हैं।
बैंकिंग धोखाधड़ी
वित्तीय संस्थानों या उनके ग्राहकों और हितधारकों को निशाना बनाने वाली धोखाधड़ी गतिविधियाँ। बैंकिंग धोखाधड़ी के परिणामस्वरूप आमतौर पर भारी वित्तीय नुकसान या पहचान की चोरी होती है । उदाहरणों में क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एटीएम स्किमिंग और ऑनलाइन भुगतान शामिल हैं।