खेड़का की विवादित पहाड़ी की लीज निरस्त करने की मांग
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर जिले की तहसील क्षेत्र में ग्राम अलापुर खसरा संख्या 731 और ग्राम खेड़का खसरा संख्या 261 से सटी पहाड़ी पर खनन विभाग द्वारा जारी की गई लीज को लेकर ग्रामीणों और किसानों में गहरी नाराज़गी है। किसानों का कहना है कि यह पहाड़ी उनकी खातेदारी भूमि के बीच स्थित है और यहां खनन कार्य शुरू होते ही क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोत और कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि पहाड़ी के चारों ओर 10 से 15 बोरवेल हैं, जिनसे गांवों का पेयजल और सिंचाई कार्य संचालित होता है। खनन होने पर इनका जल स्तर तेजी से गिर जाएगा। साथ ही खनन से फैलने वाली धूल-मिट्टी और प्रदूषण खेती और ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन जाएगा। किसानों का कहना है कि साइट चयन भी पूरी तरह गलत है क्योंकि पहाड़ी दोनों गांवों की कृषि भूमि के बीच स्थित है और कई परिवार खेतों में ही निवास करते हैं, जो पहाड़ी से लगभग 800 मीटर दूरी पर हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को ध्यान में रखते हुए इस लीज को तत्काल निरस्त किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।