भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं में नवीनतम तकनीक व नवाचार अपनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागीय अधिकारियों की नवाचार परियोजनाओं पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में चल रहे एवं प्रस्तावित इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति दी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए नवाचार के रूप में जिला कलक्टर ने आशान्वित ब्लॉक वैर एवं भुसावर की चयनित दो ग्राम पंचायतों में महिलाओं के एनीमिया एवं नेत्र जांच हेतु डोर-टू-डोर अभियान चलाने के निर्देश दिए। आशा सहयोगिनी एवं एएनएम की मदद से विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों का नेत्र परीक्षण एवं फिजिकल फिटनेस टेस्ट कराने के लिए शिक्षा विभाग से समन्वय करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पीएमओ से कहा कि दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड जारी करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठन कर शत-प्रतिशत सर्वे सुनिश्चित कर,ें साथ ही कोई भी पात्र व्यक्ति यूडीआईडी कार्ड बनवाने से वंचित नहीं रहे इसका विशेष ध्यान रखें।
पोषण स्तर सुधारने के उद्देश्य से आईसीडीएस विभाग को चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर एक सप्ताह का विशेष पोषण शिविर लगाने और बच्चों के लिए वैज्ञानिक डाइट चार्ट तैयार कर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारिता विभाग को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े कोर्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि बाहर से कोचिंग एवं पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों व प्रतियोगी परीक्षार्थियों को आसानी से गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए नवाचार आधारित विशेष योजना तैयार की जा रही है।
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय वृद्धि के लिए सरसों की उन्नत किस्मों का वितरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी, आत्मा परियोजना विभाग के तहत प्रशिक्षण शिविर तथा स्ट्रॉबेरी, खीरा व अन्य सब्जी फसलों में नवीन तकनीकी अपनाने की योजना बनाने के निर्देश कृषि विभाग को दिए गए। उद्यान विभाग को मिड-डे मील में प्रति बच्चे 8 ग्राम शहद उपलब्ध कराने की नवाचारी योजना पर तुरंत कार्य शुरू करने को कहा गया।
उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से किसी भी पात्र व्यक्ति के छूटने की स्थिति को रोकने हेतु समाज कल्याण विभाग को डोर-टू-डोर सर्वे कर गांववार टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन एवं डेयरी विभाग को नस्ल सुधार व दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
राजीविका के जिला प्रबंधक को निर्देश दिए गए कि आशान्वित ब्लॉक वैर व भुसावर में भी भरतपुर की तर्ज पर ‘दृष्टि दीदी अभियान’ चलाकर महिलाओं का नेत्र सर्वे कराया जाए तथा उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा मिट्टी के कुल्हड़-बर्तन निर्माण को बढ़ावा देने और प्रत्येक ब्लॉक में एक समान डिजाइन एवं मानक के ब्यूटी पार्लर स्थापित करने के नवाचार को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने सभी विभागों से नवाचार को प्राथमिकता देने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस दौरान बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर राहुल सैनी, एसीईओ रेखा रानी, जिला प्रबंधक अधिकरी भारती भारद्वाज, कृषि संयुक्त निदेशक सुरेश गुप्ता, डीईओ सुरेन्द्र गोपालिया, सहकारिता उप रजिस्ट्रार शचिन्द्र चतुर्वेदी, आईसीडीएस उपनिदेशक सिकरामाराम चोयल पीएमओ डॉ. नगेन्द्र सिंह भादोरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।