भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्टर कक्ष में पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिला कलक्टर ने योजना के मुख्य उद्देश्यों, पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को सुलभ ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तथा अब तक प्राप्त प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निकायवार लंबित प्रकरणों, स्वीकृति दर, ऋण वितरण एवं पुनर्भुगतान की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना शहरी आजीविका को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से बिना गारंटी छोटे व्यापारियों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत अधिकाधिक पात्रजनों को लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने सभी नगर निकायों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित वेंडर्स के आवेदन प्राथमिकता से बैंकों को भेजे जाएं तथा जिन प्रकरणों में दस्तावेजों की कमी है उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने वेंडर्स को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रेरित करने तथा योजना के तीनों चरणों पहले, दूसरे और तीसरे ऋण की जानकारी प्रदान कर अधिकतम लाभ दिलवाने पर बल दिया।
ये हुए लाभान्वित -
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त ने योजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पीएम स्व निधि योजना के अंतर्गत भरतपुर ब्लॉक में 2862, रूपवास में 222, नदबई में 178, वैर में 155, भुसावर में 159, बयाना में 249 तथा उच्चेन में 19 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही प्रथम लोन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों का ‘स्व निधि से समृद्धि’ के तहत आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण किया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्रवण बिश्नोई, जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल, आईसीडीएस उप निदेशक सिकरामाराम चोयल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपनिदेशक श्याम सुंदर, श्रम विभाग के पुष्पेंद्र कुमार, गणेश मीना, कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।