स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं-जिला कलक्टर
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग के कार्यों में लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने प्रगति बाधक तथ्यों में सुधार की आगामी बैठक तक आवश्यकता जताते हुए सेवाओं की प्रदायगी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई एवं जिले की रैंकिंग टॉप-10 में रखने की बात कही।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को जिले में स्वास्थ्य विभाग की समस्त योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने तथा महत्वपूर्ण योजनाओं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना, एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम व लाडो प्रोत्साहन योजना का बेहतरीन ढंग से संचालन कर इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना एवं जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभान्वित समस्त लाभार्थियों की प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो बकाया भुगतान रहा है उनको शीघ्र अनिवार्य रूप से भुगतान करवाकर शून्य की स्थिति में लावें। उन्होंनें यूडीआईडी कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इनकी पेंडेंसी को खत्म किया जाए। साथ ही चिकित्सकों की टीम बनाकर खण्ड वाइज शिविर आयोजित किये जाएं।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को प्रभावी मॉनिटरिंग करने, डाटा एंट्री ऑपरेटरों से सही डेटा रिपोर्टिंग करवाने, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना अंतर्गत रोगी उपचार पर्ची की जो एंट्रियां बकाया चल रही है उन्हें शीघ्र ही ऑनलाइन करने एवं जिन चिकित्सा संस्थानां की डीडीसी प्रतिदिन खुलने एवं समय पर एंट्री करने तथा जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले चिकित्सा संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियो को अविलंब सूचकांको में सुधार के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं एएनएम का सहयोग लेकर कार्य योजना अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सा संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन के तहत सर्टिफाइड करवाया जाना सुनिश्चित करें। इसके लिए खण्ड वाइज ऐसी चिकित्सा संस्थानों का चयन करें जिनकी भवन स्थिति सही हो पर्याप्त स्टाफ एवं आवश्यक उपकरण क्रियाशील हों। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सा संस्थानों का चयन कर उसके स्टाफ का आमुखीकरण कर कार्य करना सुनिश्चित करावें जिससे संस्थान को सर्टिफाइड करवाया जा सके।
उन्होंने कम प्रगति पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि यह जिला सीएम का गृह जिला है इसलिए यहां पर कम प्रगति स्वीकार्य नहीं होगी। प्रत्येक कार्यक्रम एवं योजना में जिले की रैंकिंग राज्य स्तरीय रैंकिंग में टॉप-10 में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों, बीसीएमओ, प्रसाविकाओं से शपथ पत्र लिया जाये कि उनके क्षेत्र में लाभार्थी छूटे हुए नहीं हैं।
प्रत्येक गर्भवती महिला एवं प्रसव की हो ट्रेकिंग
जिला कलक्टर ने सभी खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपके क्षेत्र में रजिस्टर्ड प्रत्येक गर्भवती महिला की सभी आवश्यक जांचें की जावे तथा एएसी के दौरान ही आधार, जनआधार एवं बैक एकाउंट नम्बर दर्ज किये जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की 12 सप्ताह के पहले रजिस्ट्रेशन कराने हेतु संबंधित कार्मिक को पाबंद करें, जिससे गर्भवती महिला की चार एएनसी जांच समय पर की जा सकें। उन्होंने लाइनलिस्टिंग, टीकाकरण एवं योजनाओं की प्रगति में सुधार लाकर समय पर लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने हेतु निर्देश प्रदान किए गए।