विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांगः जांगिड़ महासभा ने सीएम भजनलाल के नाम सौंपा ज्ञापन
खैरथल-तिजारा (राजस्थान) अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा ने सोमवार को खैरथल जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की पुरजोर मांग की गई है।
महासभा के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि राजस्थान में जांगिड़ सुथार समाज बड़ी संख्या में निवास करता है और भगवान विश्वकर्मा उनके आराध्य देव हैं। जांगिड़ सुथार के अलावा सुरंकार, लोहार, पांचाल सहित कई शिल्पी जातियां भी विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना करती हैं।
सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों, कारखानों, फैक्टरियों और व्यक्तिगत कार्यों में मजदूर, मिस्त्री तथा इंजीनियर किसी भी नए कार्य का शुभारंभ विश्वकर्मा पूजा से ही करते हैं। वर्तमान में राज्य सरकार ने विश्वकर्मा जयंती (माघ शुक्ला त्रयोदशी) पर केवल ऐच्छिक अवकाश घोषित किया हुआ है, लेकिन लंबे समय से समाज इस दिन को पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा है।
महासभा ने सरकार से अपील की है कि इस मांग को स्वीकार कर शिल्पकार समाज को अनुग्रहित किया जाए, जिससे लाखों लोग अपनी आस्था के अनुसार पूजा कर सकें। ज्ञापन सौंपने के दौरान महासभा के कैलाश चंद शर्मा, राजेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र जांगिड़, देशराज जांगिड़, फूलसिंह जांगिड़, गुरुदत्त, योगेश कुमार, सतीश कुमार जांगिड़, राम अवतार, सतीश जांगिड़, मुकेश कुमार जांगिड़, हेमराज जांगिड़ और रमेश जांगिड़ सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। यह मांग शिल्पकला और मेहनतकश समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है। उम्मीद है कि सरकार इस पर सकारात्मक विचार करेगी