पिनान की रात्रि चौपाल में अलाव पर बैठी सरकार: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सुनी ग्रामीणों की पीड़ा
- पिनान की रात्रि चौपाल में अलाव पर बैठी सरकार: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सुनी ग्रामीणों की पीड़ा
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अधिकारियों को सख्त निर्देश— "जनसमस्याओं का हो त्वरित निस्तारण, परिवादी को घर जाकर दें सूचना"
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'विकसित भारत-जी राम जी' योजना से गांवों में आएगा बदलाव, 125 दिन के रोजगार की मिलेगी गारंटी
राजगढ़/रैणी (अलवर) अनिल गुप्ता । जिला प्रभारी तथा कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को रैणी उपखंड की ग्राम पंचायत पिनान में आयोजित 'रात्रि चौपाल' में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को बड़ी ही संवेदनशीलता से सुना। कड़ाके की ठंड के बीच प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों के साथ अलाव पर बैठकर सीधा संवाद किया और 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के लाभ समझाए।
अधिकारियों को कड़े निर्देश: जनसुनवाई के दौरान डॉ. मीणा ने प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक कहा कि रात्रि चौपाल में मिली शिकायतों को लंबित न रखें। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्याओं के समाधान की सूचना संबंधित परिवादी को अनिवार्य रूप से दी जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए।
बिजली और शिक्षा पर रहा जोर: चौपाल में ग्रामीणों ने मलावली में 33 केवी जीएसएस और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साहिबाबाद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय को पुनः संचालित करने, मुरली का बास में पेयजल संकट और पशु चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्सक की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए पाबंद किया गया।
योजनाओं का पिटारा: मंत्री डॉ. मीणा ने ग्रामीणों को बताया कि 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के तहत अब ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला व अन्य अधिकारियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, तारबंदी योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ सालूखे गौरव रविन्द्र, एडीएम मुकेश कायथवाल, डीएफओ राजेंद्र हुड्डा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रियंका रघुवंशी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।