पक्षियों के लिए इंसानियत की मिसाल: बयाना में बना अनोखा चिड़ियाघर
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) क्या कोई व्यक्ति पक्षियों से इतना प्रेम कर सकता है कि उनके लिए अलग से आशियाना बनवा दे? बयाना में यह सवाल अब हकीकत बन चुका है। बयाना कस्बे के पास पक्षी प्रेम की एक अनोखी और प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है।
बयाना से लहचोरा खुर्द मार्ग पर, कृष्ण गौशाला के ठीक सामने खेतों के बीच एक भव्य चिड़ियाघर का निर्माण किया गया है। इस चिड़ियाघर का निर्माण बयाना निवासी सतीश नारंग द्वारा कराया गया है, जो प्रकृति और पक्षियों के प्रति अपने प्रेम के लिए चर्चा में हैं।
सतीश नारंग ने बताया कि करीब 7 लाख रुपये की लागत से इस चिड़ियाघर का निर्माण कराया गया है। खास बात यह है कि इसे गुजरात के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है, जिसे बनाने में लगभग दो महीने का समय लगा। इस चिड़ियाघर में एक साथ करीब 2500 पक्षियों के रहने की व्यवस्था है।
यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि पक्षियों के लिए सुरक्षित और शांत आश्रय स्थल है। रोजाना पक्षियों के लिए गौशाला की छत पर नियमित रूप से दाना डाला जाता है, ताकि उन्हें भोजन की कोई कमी न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल न सिर्फ पक्षियों के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने का संदेश भी देती है। सतीश नारंग का यह प्रयास साबित करता है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन को खूबसूरती से कायम रखा जा सकता है।