अलवर में विमुक्त, घुमंतू समुदाय को मिले प्रमाण-पत्र: गोविंदगढ़ में विशेष शिविर में बांटे 'अधिकारों के दस्तावेज', 81 लोगों को मिला फायदा
अलवर जिले के गोविंदगढ़ नगरपालिका परिसर में शुक्रवार को विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदाय के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षों से सरकारी प्रक्रियाओं से वंचित रहे इन समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था।
- 81 लोगों को मिला लाभ
तहसीलदार डॉ. बसंत कुमार परसोया ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान शाम 4 बजे तक घुमंतू समुदाय के 81 लोगों को लाभ मिला। कुल 36 व्यक्तियों के घुमंतू प्रमाण पत्र बनाए गए। इसके अतिरिक्त, आधार कार्ड से संबंधित 9 नए आवेदन और 34 संशोधन आवेदन प्राप्त हुए, जिनके दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार आरके यादव, विकास अधिकारी रमेश गुर्जर, ब्लॉक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अधिकारी कुलदीप शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। शिविर से पहले प्रशासन ने गांव-गांव जाकर विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जाति के लोगों को शिविर के बारे में जानकारी दी थी, जिसके कारण शिविर में अच्छी उपस्थिति दर्ज की गई।
- कई ऑफिसों के लगाने पड़ते थे चक्कर
दूर-दराज से आए लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपने आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए और मौके पर ही प्रमाण पत्र प्राप्त किए। लाभार्थियों ने बताया कि पहले जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे काफी परेशानी होती थी। इस शिविर में प्रशासन ने स्वयं पहल कर उनके बच्चों के प्रमाण पत्र जारी किए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। शिविर के सफल आयोजन से समुदाय में संतोष और भरोसे का माहौल देखा गया।

