नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि को लेकर मकराना में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, पीएमओ को सौंपा ज्ञापन
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को मकराना क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों ने मोर्चा खोल दिया। चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति रोष व्यक्त करते हुए आशा सहयोगिनियों ने चिकित्सा अधिकारी पीएमओ डॉ रामनिवास आँवला को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करेंगी। ज्ञापन के माध्यम से आशा सहयोगिनियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग कि है की सेवा विनियम 2022 के तहत आशा सहयोगिनियों को नियमित कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
ऑनलाइन कार्य प्रणाली और बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए। योग्य आशा वर्कर्स को एएनएम एवं सुपरवाइजर पदों की भर्ती में प्राथमिकता दी जाए। पीसीटीएस सॉफ्टवेयर से संबंधित कार्यों का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित की जाए। आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर विचार न होने की स्थिति में होने वाले किसी भी व्यवधान की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुन्नी, फेमिदा बेगम, ललिता, लीला, बिंदु, अफसाना, रेखा, सावित्री, कौशल, आइशा, जाहिदा, संतोष, गुलाब देवी, सरोज शर्मा, संगीता, शकिला, मनोज और शहनाज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
"लंबे समय से चिकित्सा विभाग हमारी महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी कर रहा है। आर्थिक सुरक्षा के अभाव में काम करना अब मुश्किल होता जा रहा है। यदि प्रशासन ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो हमारे पास कार्य बहिष्कार के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।" — प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियां