आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और पोषाहार वितरण में लाएं तेजी, जिला कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
डीग (नीरज जैन) जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- विद्यालयों में शिफ्ट होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, निर्माण प्रक्रिया को मिलेगी गति
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 871 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 78 किराये के भवनों में चल रहे हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी विद्यालयों में शिफ्ट किया जाए। साथ ही, नए भवनों के निर्माण के लिए विद्यालयों से एनओसी प्राप्त करने और ग्राम पंचायतों के माध्यम से भूमि के पट्टे जारी कराने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
जिन केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है, वहां तुरंत संबंधित विभागों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए। प्रत्येक ब्लॉक में 5-5 आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने मौजूदा केंद्रों की व्यवस्थाओं के निरीक्षण और सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
- पोषाहार वितरण में सुधार के निर्देश, 90 प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य
बैठक में पोषाहार वितरण की समीक्षा के दौरान सामने आया कि वर्तमान में जिले में इसका कवरेज 72.24 प्रतिशत है। इस पर असंतोष जताते हुए जिला कलेक्टर ने आगामी एक माह में इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में उपकरणों की स्थिति, नंदघर के रूप में विकसित केंद्रों और पोषण वाटिका की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।


