सीकर में 'उल्लू' बेचने के नाम पर शख्स को दो बार ठगा, 2.30 लाख रुपए हड़पे
राजस्थान के सीकर जिले में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति को 'उल्लू' दिलाने और उसे भारी मुनाफे में बेचने का झांसा देकर दो बार में लाखों रुपए ठग लिए गए। उद्योग नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस गैंग के मास्टरमाइंड राजू बावरी को गिरफ्तार कर लिया है।
50 लाख का दिखाया लालच
पीड़ित प्रमोद कुमार सेवदा (निवासी झीगर छोटी) ने पुलिस को बताया कि मास्टरमाइंड राजू बावरी ने उसे जाल में फंसाने के लिए एक काल्पनिक कहानी बुनी। राजू ने प्रमोद से कहा कि अगर वह दुर्लभ उल्लू ढूंढ ले, तो उसे 5 लाख रुपए मिलेंगे। इसी बीच, गिरोह के अन्य सदस्यों ने 'शर्मा जी' बनकर जयपुर की बड़ी पार्टी का नाटक किया और उल्लू की कीमत 50 लाख रुपए देने का झांसा दिया।
दो बार हुई ठगी: पहली बार हाथ से 'उड़ाया', दूसरी बार बाइक पर 'भगाया'
ठगी के इस खेल में गिरोह ने बड़े ही शातिर तरीके से दो बार पैसे ऐंठे:
- पहली बार: सौदा 6 लाख में तय बताकर प्रमोद से 2 लाख रुपए लिए गए। जब उल्लू दिखाने की बारी आई, तो मुख्य आरोपी राजू ने जानबूझकर उसे हाथ से 'उड़ा' दिया और पछतावा करने का नाटक किया।
- दूसरी बार: कुछ दिन बाद फिर एक कॉल आया और 3 लाख की मांग की गई। इस बार पिपराली के पास सौदा तय हुआ। प्रमोद ने 30 हजार रुपए दिए, तो ठगों ने कहा कि उल्लू बाइक के पीछे बंधे थैले में है, और मौका पाकर बाइक सवार फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
दादिया थाना पुलिस और उद्योग नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुड़ली गांव से मुख्य आरोपी राजू बावरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो दुर्लभ वन्यजीवों के नाम पर लोगों को ठगती है।
थानाधिकारी ने बताया:
"मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गैंग में शामिल अन्य आरोपियों—सुरेंद्र गुर्जर, मुकेश मीणा और तथाकथित शर्मा जी—की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।"