राजगढ़ महिला चिकित्सालय की बड़ी लापरवाही: स्टाफ सोता रहा, तड़पती रही गर्भवती, प्रसव के दौरान नवजात की मौत
राजस्थान सरकार के महिलाओं की निशुल्क डिलीवरी करने के दावों की खुलेआम धज्जियां गर्भवती महिला तडफती रहे जिम्मेदार ड्यूटी वाले सोते रहे।
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजगढ़ जनाना अस्पताल में शुक्रवार की सुबह करीब 4 बजे चिकित्सक एवं स्टाफ की लापरवाही के चलते बच्चे की डिलीवरी के समय मृत्यु होने के सम्बंध में आरोप लगाते हुए एसडीएम सीमा मीना को परिजनों ने शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ित के पति राहुल सिंह व परिजन पुरषोत्तम सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि गत रात्रि उसकी पत्नी के प्रसव पीड़ा हुई थी। जिसको लेकर वे राजगढ़ महिला चिकित्सालय लाये। जहाँ सारा स्टाफ सोया हुआ था।
उन्होंने स्टाफ को जगाया। उनसे बार-बार कहने पत्नी को भर्ती किया और चेकअप करने के बाद कहा कि प्रसव सुबह होगा एवं कहकर चले गए हमे परेशान मत करना सोने देना। उनकी पत्नी के प्रसव पीड़ा होती रही। जब बुलाने गए तो परिजनों को डांटकर भगा दिया। काफी बोलने के बाद स्टाफ आया। लेकिन चेकअप करने के बाद दोबारा चली गयी। फिर मंगलवार की सुबह करीब चार बजे प्रसव पीड़ा और बढ़ी एवं प्रसव होने वाला था। जिस पर उन्होंने सम्बंधित चिकित्सक को फोन किया तो चिकित्सक ने फोन नही उठाया।
उसके बाद पिता चिकित्सक के क्वार्टर पर गए और दरवाजा खटखटाया तभी भी चिकित्सक ने कोई जवाब नही दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि जिस पर मजबूरन नर्सिंग स्टाफ को डिलीवरी करनी पड़ी। डिलीवरी सही नही होने पर बच्चे की मृत्यु हो गई। अगर समय पर चिकित्सक आ जाता तो डिलीवरी सही हो जाती और बच्चा बच जाता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है इसकी जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो।
एसडीएम सीमा मीना ने बताया कि महिला चिकित्सालय में गत रात्रि को प्रसूता के प्रसव में मृत बच्चे की डिलीवरी करने में चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ के लापरवाही के सम्बंध में शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। इसको लेकर चिकित्सा प्रभारी व बीसीएमओ को निर्देश दिए है कि जांच करके अवगत करवाये। वही पीड़ित पक्ष को भी आश्वासन दिया है कि उनका पक्ष सुनकर जांच निष्पक्ष की जाएगी।


