कृषि पर्यवेक्षक ने धामेंडा़ धाम में पेड़ पौधों का किया निरीक्षण; ऑक्सीजन बैक टू एनवायरनमेंट का सपना हो रहा साकार
नारायणपुर उपखण्ड के प्राचीन अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थित खेड़ापति बाबा पीर संज्यानाथजी महाराज की तपोस्थली धामेंडा़ धाम में महंत पीर विवेकनाथ महाराज के सानिध्य में श्री कृष्णा शिक्षा एवं ग्रामीण विकास समिति सचिव सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे पर्यावरण बचाओ पेड़ पौधे लगाओं महा अभियान के तहत लगाए गए फलदार व छायादार लगभग हजारो पेड़ पौधों का मंगलवार को कृषि पर्यवेक्षक मुंशीराम सैनी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला कोषाध्यक्ष महेश कुमार सैनी, धामेंडा धाम मेला कमेटी अध्यक्ष कैलाश चंद यादव, मदनलाल कोली, पूरणसिंह लौधी, सुल्तानसिंह लौधी, महेश चंद सैनी उपस्थित थे।
कृषि पर्यवेक्षक मुंशीराम सैनी ने बताया कि प्रत्येक पौधे को देखकर उनमें पानी की नियमित व्यवस्था, पेड़ों की देखभाल के लिए छंटाई सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। इससे मृत या रोगग्रस्त शाखाओं के साथ-साथ अवांछित दिशा में बढ़ रही शाखाओं को हटाकर पेड़ स्वस्थ रहते हैं। छंटाई का सबसे अच्छा समय सर्दियों के अंत या वसंत ऋतु की शुरुआत में, नई वृद्धि शुरू होने से पहले होता है। मल्चिंग आपके पेड़ों को खरपतवार, कीटो और खराब मौसम से बचाने का एक बेहतरीन तरीका है। यह जड़ों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करके उन्हें स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।
आपको हर साल अपने पेड़ों पर लगभग 2 से 4 इंच मोटी मल्च की परत बिछानी चाहिए। ध्यान रखें कि पेड़ के तने के चारों ओर मल्च को बहुत अधिक ऊंचा न करें क्योंकि इससे समस्या हो सकती है। सचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि यह अभियान जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ सहित विभिन्न धार्मिक व सामाजिक पर्वो पर पेड़ पौधे लगाने की मुहिम चलाई जा रही है जिसका परिणाम आज धामेंड़ा धाम हरा भरा और खुशहाल दिखाई देने लगा है इसलिए सभी क्षेत्रवासियों से पौधारोपण में अधिक से अधिक सहयोग करने के लिए अपील की गई।