'जादुई' टोल: उदयपुर में घर की पार्किंग में खड़ी थी कार, राजसमंद के टोल प्लाजा पर कट गया फास्टटैग बैलेंस
उदयपुर। आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता का दावा करने वाला फास्टटैग (FASTag) सिस्टम अब कार मालिकों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। उदयपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक कार शहर के न्यू भूपालपुरा स्थित घर की पार्किंग में खड़ी थी, लेकिन उसका टोल करीब 100 किलोमीटर दूर राजसमंद जिले के टोल प्लाजा पर कट गया।
मोबाइल पर मैसेज आया तो उड़े होश न्यू भूपालपुरा निवासी और एनजीओ संचालक जितेंद्र मेहता ने बताया कि 1 मार्च की शाम उनके मोबाइल पर एक एसएमएस (SMS) आया। मैसेज के अनुसार, उनकी कार (नंबर आरजे 27 सीई 2323) का राजसमंद के भीम के पास स्थित बग्गड़ टोल प्लाजा से 90 रुपये का टोल कटा है। मेहता की पत्नी और एमजी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. कहानी मेहता ने बताया कि उनकी कार पिछले कई महीनों से हाईवे पर गई ही नहीं है।
सीसीटीवी ने दी गवाही: घर पर ही थी कार जितेंद्र मेहता ने इस गड़बड़ी को साबित करने के लिए अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि जिस समय टोल कटने का मैसेज आया, उस समय उनकी कार घर की पार्किंग में ही खड़ी थी। मेहता परिवार ने सवाल उठाया है कि जब कार टोल प्लाजा से गुजरी ही नहीं, तो फास्टटैग से राशि कैसे कट गई?
शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान पीड़ित परिवार ने नेशनल हाईवे के टोल-फ्री नंबर पर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक रिफंड नहीं मिला है और न ही कोई संतोषजनक कार्रवाई की गई है। इस घटना ने फास्टटैग की क्लोनिंग या तकनीकी खामियों की आशंका को बढ़ा दिया है।
हड़कंप: क्या सुरक्षित है आपका फास्टटैग? शहर में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि बिना सफर किए ही खातों से पैसे कटने लगे, तो फास्टटैग की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल मेहता परिवार ने हाईवे अथॉरिटी से सख्त कार्रवाई और उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की है।