कैमासा के जंगल में मिला गोवंश का कटा हुआ सिर, पास ही कुएं में मिले गोवंश के अवशेष, पुलिस जांच मे जुटी
अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कैमासा के जंगलों में गोवंश के अवशेष मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी तब हुई जब खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने जमीन पर खून के ताजे निशान और गाय के खुर देखे। संदेह होने पर जब आसपास पड़ताल की गई। तो पास के ही एक कुएं में खून से लथपथ एक बोरा दिखाई दिया। बोरे को खोलकर देखने पर उसमें गोवंश का कटा हुआ सिर और अन्य अवशेष मिले। जिससे ग्रामीणों में सनसनी फैल गई।
सूचना मिलते ही योगेश कुमार आरपीएस प्रशिक्षु जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कुएं से बोरे को बाहर निकलवाकर अवशेषों को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में इसे गोकशी का मामला माना जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
इस घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और गौ भक्त मौके पर जमा हो गए। लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में गोवंश पर हमले और गोकशी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी धारदार हथियारों से गायों को घायल करने के मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
एक ओर जहां रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की नृशंस घटना ने लोगों को आहत किया है। ग्रामीणों का मानना है कि यह क्षेत्र की शांति और भाईचारे को भंग करने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
गौ भक्तों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और इस घिनौने कृत्य में शामिल दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।