अलवर: 'दीवान जी का बाग' में अवैध प्लॉटिंग पर बड़ा एक्शन; नगर निगम ने निरस्त किए 11 पट्टे
अलवर (अनिल गुप्ता) समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलैक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद नगर निगम अलवर ने एक बड़ी कार्रवाई की है। 'दीवान जी का बाग' की 09 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के मामले में निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए कुल 11 पट्टों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
मास्टर प्लान का उल्लंघन पड़ा भारी
जांच रिपोर्ट (दिनांक 28.02.2026) के अनुसार, संबंधित खसरा नंबरों की भूमि मास्टर प्लान और जोनल प्लान में 'ग्रीन/उद्यान (पार्क)' के रूप में दर्ज है। नियमतः ऐसी भूमि पर आवासीय उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 'गुलाब कोठारी बनाम राज्य सरकार' मामले में दिए गए निर्णय के अनुसार पार्क और ओपन स्पेस वाली भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इन पट्टाधारकों पर गिरी गाज
नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 73-बी के तहत पट्टाधारकों को स्पष्टीकरण का मौका दिया गया था, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद 12 मार्च 2026 को अरुण जैन: भूखण्ड संख्या 1, 6 व 7,अरुण जैन एवं कैलाश चन्द शर्मा भूखण्ड संख्या 9, मुदित जैन के प्लॉट संख्या 10, 2 व 4, बृज बिहारी खण्डेलवाल के भूखण्ड संख्या 3 व 8, विकास मोदी के भूखण्ड संख्या 11, विजय शर्मा के भूखण्ड संख्या 5, यह कार्रवाई खसरा नंबर 1256, 1259 और 1260 पर स्थित पट्टों पर की गई है।
निगम ने चेतावनी दी है कि बर्दाश्त नहीं होगा अवैध भू-उपयोग
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान के विरुद्ध किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।