राजगढ़ के लिए स्वीकृत हुए केंद्रीय विद्यालय के मामले में उठे विरोध के सुर, गांव दलालपुरा के ही ग्रामीण उतरे आवंटन के विरोध में उपखण्ड अधिकारी रैणी को सौंपा जिला कलैक्टर के नाम ज्ञापन
राजगढ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजगढ़ के लिए स्वीकृत हुए केंद्रीय विधालय के मामले में आया नया मोड़, रैणी के दलालपुरा में आवंटित हुए भूमि को लेकर दलालपुरा के ग्रामीण ही विरोध में उतरे। जहां उन्होंने रैणी एसडीएम एसडीएम हरकेश मीना को आवंटन निरस्त करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। हरिकिशन मीना ने बताया कि जो केंद्रीय विधालय जो दलालपुरा में खोला जा रहा है। जो अनुचित है और नियम के विरुद्ध है। जो जमीन है वह पूर्वजो की है। जिसमे करीब साठ सालों से खेती करते आ रहे है। यह ग्रामीणों की खातेदारी की जमीन है। इस सम्बंध में पूर्व में रैणी तहसीलदार को अवगत करवाया था। लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नही दिया और उन्हें नोटिस तक जारी कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि उक्त जमीन पूर्व में परमवीर चक्र विजेता सैनिक को आवंटित की थी। उसके बाद यह जमीन उन्ही लोगो के नाम थी और खातेदारी में थी। जिसे राज्य सरकार ने निरस्त कर दिया था। अगर राज्य सरकार ने जबरदस्ती इस पर केंद्रीय विधालय खोलने की कोशिश की तो ग्रामीण अहिंसात्मक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे और विधालय को दलालपुरा में नही खुलने देंगे। क्योकि ये जमीन उनके पूर्वजो की है नाकि गौचारा की जमीन नही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में अनुचित रुप से सेटलमेंट में गौचारा घोषित कर दिया गया था। जिसका रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दलालपुरा गांव के लोग एक है और किसी भी सूरत में केंद्रीय विधालय नही खुलने दिए जाएगा। चाह उन्हें इसके लिए कितना बड़ा त्याग करना पड़े। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्रीय विधालय दलालपुरा में नही खुलने देंगे क्योकि दलालपुरा में करीब 150 घरों की बस्ती है। इसी भूमि से पालन पोषण करते है। इस मौके पर दलालपुरा के ग्रामीण मौजूद रहे।