नर्सिंग कर्मियों की मांगों पर 2 माह में पुनर्विचार का आश्वासन
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (राजमेश) के डायरेक्टर नरेश गोयल के महात्मा गांधी चिकित्सालय आगमन पर राजस्थान नर्सिंग यूनियन के जिला अध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में नर्सिंग कर्मियों ने उनका स्वागत कर अपनी विभिन्न मांगें रखीं।
नर्सिंग कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश के सातों मेडिकल कॉलेजों में विलोपित किए गए पदों को लेकर रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे नर्सिंग स्टाफ ने मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए उन्हें पुनः पदस्थापित किया जाना चाहिए।
इस पर डायरेक्टर नरेश गोयल ने आश्वासन दिया कि इन आदेशों पर आगामी दो माह तक पुनर्विचार किया जाएगा और इस अवधि में किसी भी नर्सिंग कर्मचारी को रिलीव नहीं किया जाएगा।
यूनियन ने भीलवाड़ा जिले में सीएमएचओ के 48 और पीएमओ के 27 रिक्त पदों पर नर्सिंग स्टाफ के समायोजन की मांग भी रखी, जिस पर गोयल ने अधिकतम कर्मचारियों को जिले में ही रखने के प्रयास का भरोसा दिलाया।
इसके अलावा नर्सिंग कर्मियों ने समय पर वेतन भुगतान का मुद्दा भी उठाया। डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि बजट संबंधी कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
इस दौरान कार्यालय अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने कोविड काल में नर्सिंग कर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए उनकी मांगों को उचित बताया।
ज्ञापन देने वालों में गिरिराज लड्ढा, करण सिंह, निरंजन चम्पावत, अश्विनी पाराशर, सत्यनारायण, दिनेश परिहार, मनोज धाकड़, पंकज सोनी, पप्पू रेगर, अंकित काबरा, कुलदीप आर्य, दिनेश खटीक, ललित जीनगर, लखन राव, हेमराज माली सहित कई नर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे।