दिन में भी भारी वाहनों की एंट्री, हर आधे घंटे में जाम; ट्रैफिक प्लान अब तक नहीं
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिला मुख्यालय होने के बावजूद भी शहर में यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई है। करीब 80 हजार की आबादी वाले इस शहर में 7 हजार से अधिक वाहनों की रोजाना आवाजाही होती है, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए महज एक ही यातायात पुलिसकर्मी तैनात है। हालात ऐसे हैं कि शहर की मुख्य सड़कों और बाजार में दिनभर जाम लगता रहता है।
वहीं जिम्मेदार प्रशासन लोगों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से दिन के समय भी भारी वाहन बेरोकटोक गुजर रहे हैं। जबकि शहरवासी लंबे समय से दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक नगरपरिषद ने कोई ठोस ट्रैफिक प्लान लागू नहीं किया। ऐसे में शहर में हर आधे घंटे में जाम लगता रहता है। जानकारी अनुसार पहले जहां दो पुलिसकर्मी तैनात थे, अब वह संख्या घटाकर एक कर दी गई है।
लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय होने पर भी ट्रैफिक थाना नहीं खोला गया है। जाम के चलते कई बार वाहन चालकों में कहासुनी और विवाद तक हो जाते हैं। मुख्य बाजार सहित इन स्थानों पर दिनभर जाम कस्बे के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, चूड़ी मार्केट, किशनगढ़ रोड, अग्रसेन सर्किल, हेमू कालानी चौक और पुरानी अनाज मंडी, आनंदनगर कॉलोनी जैसे इलाके। जाम के कारण वाहन चालकों को आधा किमी दूरी तय करने में भी करीब आधा घंटे तक का समय लग जाता है। शनि मंदिर के पास लगा जाम।
नारायण छंगानी, खैरथल का कहना है कि - जिला बनने के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। लोगों को घंटों जाम में फंस कर परेशान होना पड़ता है। प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना चाहिए।
रामचन्द्र कामरेड, खैरथल का कहना है कि - शहर में दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगानी चाहिए। इससे काफी हद तक जाम की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
जयासिंह, एएसपी, खैरथल का कहना है कि - शहर में बढ़ते यातायात को देखते हुए पुलिस कर्मियों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती से कार्रवाई होगी। बाजार में गलत पार्किग और ओवरलोड वाहनों पर नजर रखी जाएगी।