कर्तव्य निष्ठा की पराकाष्ठा: सिपाही आकाश सिंह ने दोनों पैर गंवाए, पर नहीं छोड़ी आरोपी की पकड़
उत्तर प्रदेश (शशि जायसवाल) उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (GRP) के एक जांबाज सिपाही ने साहस और कर्तव्य परायणता की वह मिसाल पेश की है, जिसे इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 29 वर्षीय सिपाही आकाश सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए चलती ट्रेन से भाग रहे एक आरोपी को पकड़ने के लिए अपने दोनों पैर कुर्बान कर दिए, लेकिन अंतिम क्षण तक अपराधी की पकड़ नहीं छोड़ी।
पूरी घटना: भागते आरोपी का किया पीछा
घटना मंगलवार रात करीब 12 बजे की है, जब डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903) गोंडा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आई। जेबकतरी का आरोपी सुनील कुमार पुलिस हिरासत से हाथ छुड़ाकर चलती ट्रेन में चढ़कर भागने लगा। ड्यूटी पर तैनात सिपाही आकाश सिंह ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और आरोपी को दबोच लिया। इसी खींचतान में दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में जा गिरे।
भयावह मंजर: घायल अवस्था में भी दिखाया अदम्य साहस
ट्रेन की चपेट में आने से आकाश सिंह के दोनों पैर गंभीर रूप से कट गए। चश्मदीदों के अनुसार, मंजर इतना खौफनाक था कि उनका एक पैर शरीर से पूरी तरह अलग हो गया और दूसरा केवल खाल के सहारे लटक रहा था। इतनी असहनीय पीड़ा और गंभीर चोट के बावजूद, सिपाही ने आरोपी सुनील कुमार की पकड़ नहीं छोड़ी।
जीआरपी एसपी का कहना है कि - "आकाश ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी को पकड़ा। उनकी चीख सुनकर अन्य पुलिसकर्मी दौड़े और ट्रेन रुकवाई गई।" एक पुलिसकर्मी का यह बलिदान समाज को याद दिलाता है कि सुरक्षा की कीमत अक्सर कितनी भारी होती है। हम आकाश सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
अदम्य साहस: असहनीय पीड़ा में भी नहीं छोड़ी पकड़
ट्रेन की चपेट में आने से सिपाही आकाश सिंह के दोनों पैर गंभीर रूप से कट गए। चश्मदीदों के अनुसार, मंजर अत्यंत भयावह था, लेकिन इतनी गंभीर चोट और असहनीय पीड़ा के बावजूद आकाश ने आरोपी सुनील कुमार को मजबूती से पकड़े रखा जब तक कि अन्य पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुँच गए।
चिकित्सा और सहायता
गंभीर हालत में आकाश को लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक क्षति के कारण उनके दोनों पैर नहीं बचाए जा सके, हालांकि उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। 2018 बैच के सिपाही आकाश, जो मूल रूप से मऊ के रहने वाले हैं, उनकी इस बहादुरी को देखते हुए गोरखपुर जीआरपी जोन के समस्त पुलिसकर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन सहायता स्वरूप देने की घोषणा की है।
सम्मान और सहयोग की घोषणा
2018 बैच के सिपाही आकाश सिंह मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में सपरिवार गोंडा में ही रह रहे थे। उनकी इस बहादुरी को देखते हुए गोरखपुर जीआरपी जोन के सभी पुलिसकर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन आकाश की मदद के लिए देने का निर्णय लिया है। आकाश सिंह का यह बलिदान खाकी के प्रति उनके समर्पण और अटूट साहस का प्रमाण है।
आरोपी पर कार्रवाई
आरोपी सुनील कुमार भी इस घटना में घायल हुआ है और जिला अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस ने उस पर चोरी, मारपीट और हिरासत से भागने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।