अलावड़ा में रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग: एक ही बस के संचालन से यात्री परेशान, बोले- एक ही राउंड होने से भरी रहती है बस
अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के कस्बा अलावड़ा से अलवर और ईंदपुर के लिए रोजाना केवल एक रोडवेज बस संचालित होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस में अत्यधिक भीड़ के चलते कई सवारियां रोजाना यात्रा से वंचित रह जाती हैं, जिससे उन्हें मजबूरी में डग्गामार और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को जिला मुख्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से पूर्व में कई रोडवेज बसें संचालित की थीं। हालांकि, अलवर से टीकरी वाया अलावड़ा चलने वाली रोडवेज बस को करीब चार-पांच वर्ष पहले बंद कर दिया गया था। इसके बाद ईंदपुर से तिलवाड़ा वाया अलावड़ा होकर अलवर जाने वाली शटल बस भी दो वर्ष पूर्व बंद कर दी गई थी।
मध्यावधि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग पर इस रूट पर बस दोबारा शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान में यह बस रोजाना केवल एक ही फेरा लगा रही है। सुबह 7 बजे ईंदपुर से चलकर 9 बजे अलवर पहुंचने वाली यह बस वापसी में शाम 5 बजे अलवर से ईंदपुर आती है। इस दौरान बस पहले ही ईंदपुर और तिलवाड़ा से खचाखच भरकर आती है, जिससे अलावड़ा के यात्रियों को सीट तक नहीं मिल पाती।
दैनिक यात्रियों रमेश चंद, रामकिशन, डालचंद, रामसिंह और राजेश कुमार ने बताया कि बस में अक्सर क्षमता से दोगुनी सवारियां होती हैं, खासकर गर्मियों में हालात और खराब हो जाते हैं। इसके बावजूद, रोडवेज विभाग न तो अतिरिक्त बस चला रहा है और न ही नियमित जांच कर रहा है। आरोप है कि कुछ परिचालक बिना टिकट दिए ही यात्रियों से किराया वसूल रहे हैं, जिससे निगम को भी नुकसान हो रहा है। अलावड़ा के अलावा चौमा, माणकी, गुजरपुर सहित आसपास के गांवों के निम्न एवं मध्यम वर्गीय लोगों को निजी वाहनों में दोगुना किराया देकर यात्रा करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने अलावड़ा से अलवर या टीकरी वाया अलावड़ा बस सेवा शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई है। भाजपा मंडल कार्यकर्ता शशिकांत शर्मा ने बताया कि करीब छह माह पूर्व रामगढ़ स्थित एक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री को भी इस समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।