स्वीकृति के बाद भी नहीं बना रेलवे अंडरपास: ग्रामीणों ने दी 'रेल रोको आंदोलन' की चेतावनी, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
बयाना कस्बे से सटे गांव नगला शीशों में रेलवे अंडरपास (आरयूबी) का निर्माण कार्य शुरू न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार लालचंद वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 25 मई 2026 तक अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर 'रेल रोको आंदोलन' भी शुरू किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि नगला शीशों गांव के निवासी पिछले 50-60 वर्षों से रेलवे समपार फाटक या अंडरपास की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार और रेलवे मंत्रालय की सहमति से इस स्थान पर रेलवे अंडरपास का निर्माण वर्ष 2022-23 के पूरक बजट में स्वीकृत किया गया था, जिसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी है।
- बजट अटकने से रुका है काम:
ग्रामीणों के अनुसार, राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा 25 अगस्त 2025 को 11 करोड़ 76 लाख 55 हजार रुपए की राशि रेलवे कोटा मंडल को हस्तांतरित करने के लिए वित्त विभाग को सिफारिश भेजी गई थी। लेकिन यह राशि अब तक रेलवे विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिसके कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
प्रशासन को पूर्व में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि वित्त विभाग द्वारा यह राशि शीघ्र रेलवे कोटा मंडल को जारी की जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। इस संबंध में एक-एक प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, राजस्थान के वित्त मंत्री, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कोटा, जिला पुलिस अधीक्षक भरतपुर और उपखंड अधिकारी बयाना को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रामकिशन सैनी, किशन स्वरूप सैनी, ख्यालीराम, हुकमसिंह, सुनील सैनी, देवीराम, बाबूलाल, किशन सिंह, पूरन सिंह, कुमरसिंह और कृष्णा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


