फसल खराबे की सूचना 72 घंटे में देना आवश्यक ,कृषि विभाग ने किसानों से खराबे की सूचना देने का किया आव्हान
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 4 अप्रैल। फसल कटाई के उपरान्त 14 दिनों तक यदि वर्षा / ओलावृष्टि होती है। जिससे किसान की फसल प्रभावित होती है एवं किसान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, तो फसल खाराबे की सूचना घटना घटित होने के 72 घण्टे के अन्दर-अन्दर संसूचित बीमा कम्पनी को देना आवश्यक है।
सँयुक्त निदेशक कृषि राधेश्याम मीणा ने बताया कि "प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना" के अन्तर्गत जिले में रबी 2025-26 मौसम हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना 19 जून 2025 को जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि भरतपुर जिले मे इस योजना का कियान्वयन रिलायंस जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड द्वारा किया गया है। जिसके तहत जिले में अधिसूचित फसलें गेहूँ, चना व सरसों हैं। उन्होंने बताया कि पीएम फसल बीमा योजना में बीमा इकाई तहसील / पटवार मण्डल है।
उन्होंने बताया कि फसल कटाई के उपरान्त 14 दिनों तक यदि वर्षा / ओलावृष्टि होती है। जिससे किसान की फसल प्रभावित होती है एवं किसान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, तो फसल खाराबे की सूचना घटना घटित होने के 72 घण्टे के अन्दर-अन्दर संसूचित बीमा कम्पनी को देना आवश्यक है।
खराबे की सूचना ऐसे दे सकेंगे
सँयुक्त निदेशक ने बताया कि किसान निम्न तरीकों से फसल खराब की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि किसान फसल में नुकसान की सूचना टोल फ्री नम्बर 14447 पर दर्ज करवा सकते हैं।
मोबाइल के माध्यम से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से सूचना दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पीएमएफबीवाई वॉट्सऐप चेटबोट के माध्यम से (7065514447) पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
ये दस्तावेज आवश्यक
उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज करने के लिये किसानों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे जिनके माध्यम से प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों में कृषक का आधार कार्ड। इसी के साथ किसान का पंजीकृत मोबाईल नम्बर। इसके अलावा फसल बीमा पॉलिसी नम्बर (यदि किसान के पास उपलब्ध हो तो अन्यथा आवश्यकता नही है)।
अधिकारियों ने खेतों में जाकर देखा खराबा
राज्य सरकार के निर्देश पर जिलेभर में राजस्व अधिकारियों, कृषि विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को खेतों में जाकर किसानों की रबी सीजन की फसल खराबे को देखा। अधिकारियों ने किसानों से संवाद कर खराबे की जानकारी ली तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खराबे की सूचना टोल फ़्री नम्बर या एप पर देने की प्रक्रिया बताई।


