भजनलाल सरकार की गर्भवती महिलाओं के लिए अनूठी पहल मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां) वाउचर योजना
खैरथल-तिजारा जिले में अभी तक 6707 गर्भवती महिलाएं उठा चुकी है सोनोग्राफी सेंटर पर निःशुल्क सोनोग्राफी का लाभ
खैरथल (हीरालाल भूरानी) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘मां वाउचर योजना’ का शुभारंभ 17 सितम्बर 2024 को पूरे प्रदेश में किया गया। मां वाउचर योजना राजस्थान सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो दूर-दराज के क्षेत्रों में रहती हैं और जिनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना कठिन है। यह योजना उन महिलाओं के लिए भी उपयोगी है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सोनोग्राफी जैसी महंगी सेवाओं का खर्च वहन करने में असमर्थ है।
योजना के तहत प्रदेश की गर्भवती महिलाएं अपने ऐसे नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाकर सोनोग्राफी करा सकती है जिन सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं तो वहाँ से गर्भवती महिला अपने जन आधार कार्ड और मोबाइल फोन के माध्यम से वाउचर प्राप्त कर सकती है। यह वाउचर सरकारी और सूचीबद्ध निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क सेवा के लिए मान्य होगा।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पूरणमल मीणा ने बताया कि योजना के अंतर्गत जिले में 17 सितम्बर 2024 से 31 मार्च 2026 तक 6707 की सोनोग्राफी की जाकर गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।
निःशुल्क मिलेगी सोनोग्राफी सेवाएं
गर्भावस्था के 84 दिन या उससे अधिक की अवधि वाली महिलाएं इस योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी करवा सकती हैं। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर उपलब्ध है।
वाउचर प्रणाली और प्रक्रिया
योजना के तहत गर्भवती महिला को अपना जन आधार कार्ड और मोबाइल फोन लेकर नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाना होगा। चिकित्सा संस्थान में पीसीटीऍस सॉफ्टवेयर से ओटीपी के माध्यम से महिला के मोबाइल पर एक SMS द्वारा QR वाउचर जारी किया जाएगा। वाउचर की वैधता 30 दिनों की होगी। यदि महिला निर्धारित 30 दिनों में सोनोग्राफी नहीं करवा पाती है, तो वह दोबारा चिकित्सा संस्थान पर जाकर वाउचर की अवधि एक बार 30 दिनों तक बढ़ा सकती है।
निजी केंद्रों की भागीदारी
महिलाओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रदेश के विभिन्न पंजीकृत निजी सोनोग्राफी केंद्रों और अस्पतालों को योजना में शामिल किया गया है।
ऐसे ले सकते है योजना का लाभ
गर्भवती महिला अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान पर जाकर जन आधार कार्ड और मोबाइल फोन के माध्यम से वाउचर प्राप्त कर सकती है। यह वाउचर सरकारी और सूचीबद्ध निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क सेवा के लिए मान्य होगा। जिले में सरकारी अस्पतालों में संचालित सोनोग्राफी केंद्रों पर सोनोग्राफी सुविधा निःशुल्क है इसलिए सरकारी संस्थान पर सोनोग्राफी कराने के लिए मां वाउचर योजना की आवश्यकता नहीं है।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बताया कि राज्य सरकार की मां वाउचर योजना महिलाओं और उनके शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना मातृत्व सेवाओं को व्यापक रूप से पहुंचाने और गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं का समय पर पता लगाने में सहायक सिद्ध हो रही है।


