भगवान ऋषभदेव के प्रथम पारणा दिवस 'अक्षय तृतीया' पर वितरित किया इक्षु रस
जयपुर, (कमलेश जैन) शाश्वत तीर्थ अयोध्या में जन्मे जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के प्रथम पारणा दिवस के पावन अवसर पर आज जयपुर के महारानी फार्म क्षेत्र में 'अक्षय तृतीया महोत्सव' हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता है कि वैशाख शुक्ल तृतीया को ही हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस ने भगवान ऋषभदेव को इक्षु (गन्ने) रस का दान देकर उनका एक वर्ष का उपवास पूर्ण कराया था।
श्री दिगंबर जैन वात्सल्य ग्रुप एवं पुलक मंच परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गायत्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर के प्रांगण में रविवार प्रातः 7:00 बजे से 9:30 बजे तक इक्षु रस वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन राजेन्द्र - सुमन सोगानी द्वारा किया गया।
इस पुनीत अवसर पर वात्सल्य ग्रुप के अध्यक्ष अनिल टोंग्या एवं संस्थापक अध्यक्ष सुरेश - राज लुहाडिया ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में पुलक मंच परिवार की राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या, अध्यक्षा मंजू सेवा वाली, महासचिव रेखा - अनिल झांझरी, और वात्सल्य ग्रुप की उपाध्यक्ष उषा लुहाडिया सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
प्रबन्ध समिति की ओर से अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, कोषाध्यक्ष राकेश छावड़ा के साथ-साथ अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बड़जात्या, अशोक जैन अंजू जैन (विधानसभा वाले), अरुण सांघी और प्रवक्ता राकेश - राजकुमारी पाटोदी ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
गर्मी के मौसम और अक्षय तृतीया के विशेष महत्व को देखते हुए समाज के लगभग 750 व्यक्तियों ने कतारबद्ध होकर गन्ने के रस का आनंद लिया। वात्सल्य ग्रुप के अध्यक्ष अनिल टोंग्या ने बताया कि दान की परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में महासचिव रेखा झांझरी ने सभी सहयोगियों एवं उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया।


