फर्जी पुलिसवाला बनकर महिला से सात लाख की ठगी: बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का दिया झांसा; पुलिस की ड्रेस व जूते भी खरीदकर दिए
बोला की बेटे को कांस्टेबल व बेटी को सरकारी टीचर बना दुंगा,
तखतगढ़ / सुमेरपुर (बरकत खान) पाली जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर एक महिला से उसके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए पीड़ित परिवार को पुलिस की वर्दी और जूते तक उपलब्ध करा दिए थे।
- पहचान और ठगी का तरीका
थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि कोलीवाड़ा निवासी कमला (48), जो आंगनवाड़ी में साथिन के पद पर कार्यरत हैं, ने आरोपी खेताराम उर्फ विक्रम (निवासी पोमावा) के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोपी ने करीब चार महीने पहले महिला से मुलाकात के दौरान खुद को सुमेरपुर में तैनात पुलिस कर्मचारी बताया था। उसने महिला के बेटे को कांस्टेबल और बेटी को सरकारी टीचर लगवाने का झांसा देकर विभाग में 'ऊपर तक सेटिंग' होने का दावा किया।
- तीन किश्तों में लिए सात लाख रुपये
पीड़िता ने आरोपी की बातों में आकर अलग-अलग समय पर कुल 7 लाख रुपये दिए:
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पहली किश्त: करीब एक महीने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने 2 लाख रुपये।
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दूसरी किश्त: 6-7 मार्च 2026 को कोलीवाड़ा स्थित दुकान पर 2 लाख रुपये।
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तीसरी किश्त: 15 मार्च 2026 को पाली बस स्टैंड स्थित रामजी मंदिर के पास 3 लाख रुपये।
विश्वास दिलाने के लिए रची साजिश
आरोपी ने महिला का भरोसा जीतने के लिए उसे पुलिस विभाग के जूते, कैप, शोल्डर बेल्ट और मोनोग्राम जैसे सामान लाकर दिए। यहाँ तक कि वह महिला के बेटे को शिवगंज स्थित एक टेलर के पास ले गया और वर्दी का नाप भी दिलवाया।
जब दो महीने बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी लगी और न ही रुपये वापस मिले, तब पीड़िता ने 2 मई को सुमेरपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश और जांच शुरू कर दी है।


