25 दिन में 950 KM की पैदल कावड़ यात्रा: हरिद्वार से गंगाजल लेकर गुरला पहुंचे अंशुल तिवाड़ी
गुरला (भीलवाड़ा) बद्री लाल माली । भक्ति, आस्था और दृढ़ संकल्प का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए गुरला निवासी अंशुल तिवाड़ी ने हरिद्वार से भीलवाड़ा तक 950 किलोमीटर की पैदल कावड़ यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। अपने मित्र ध्रुव दाधीच के साथ कंधे पर कावड़ और हाथ में पवित्र गंगाजल लेकर निकले अंशुल ने मात्र 25 दिनों में इस कठिन यात्रा को पूर्ण कर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया है।
चार राज्यों से होकर तय किया कठिन सफर
अंशुल तिवाड़ी ने सावन मास के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से पवित्र गंगाजल उठाकर अपनी पैदल यात्रा प्रारंभ की थी। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान होते हुए उन्होंने प्रतिदिन औसतन 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय की। रास्ते में आने वाले विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हुए वे भीलवाड़ा पहुंचे।
कठोर नियमों और संयम का किया पालन
यात्रा के दौरान अंशुल ने सीमित आहार और कठिन नियमों का निष्ठापूर्वक पालन किया। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा पर अंशुल ने कहा, "यह सब केवल भोले बाबा की असीम कृपा से ही संभव हो पाया है। यात्रा के हर कदम पर मुझे भगवान शिव का आशीर्वाद और शक्ति महसूस हुई।" उनकी इस यात्रा ने समाज को यह संदेश दिया है कि सच्ची आस्था और परिश्रम के बल पर किसी भी दुष्कर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
गुरला में होगा भव्य स्वागत और महाभिषेक
कावड़ यात्रा पूर्ण कर गुरला लौटने पर सोमवार, 10 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे गुरला बस स्टैंड पर अंशुल तिवाड़ी और उनके मित्र का ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके पश्चात हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से स्थानीय शिव मंदिर में पंडित दिनेश तिवाड़ी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव का भव्य महाभिषेक संपन्न कराया जाएगा।

