वैर तहसील में 12 से 16 मई तक पांच दिवसीय निशुल्क एससी आयुर्वेद चल चिकित्सा शिविर आयोजित
भरतपुर / कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा भरतपुर जिले की वैर तहसील के अनुसूचित जाति (SC) बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। संस्थान द्वारा आगामी 12 से 16 मई तक पांच दिवसीय निशुल्क एससी आयुर्वेद चल चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के तहत विशेषज्ञों द्वारा परामर्श के साथ-साथ मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जाएंगी।
गाँवों के अनुसार शिविर का शेड्यूल
संयुक्त निदेशक जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए चल चिकित्सा इकाई (मोबाइल वैन) द्वारा विभिन्न गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। कार्यक्रम इस प्रकार है:
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13 मई: बाबेखर
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14 मई: चक धरसौनी
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15 मई: खासपुर
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16 मई: रामनगर
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात
शिविरों के सफल संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय चिकित्सक दल का गठन किया गया है। डॉ. पवन कुमार शर्मा को शिविर प्रभारी नियुक्त किया गया है। टीम में डॉ. कमलेश फगोरे, डॉ. अमर पर्वताराव, मुकेश कुमार लाटा सहित पीजी एवं पीएचडी अध्येता, संविदा स्टाफ नर्स और अन्य सहयोगी कार्मिक शामिल रहेंगे। संस्थान द्वारा दल के आवागमन के लिए 12 सीटर एसी टेम्पो ट्रैवलर उपलब्ध कराया गया है।
पारदर्शिता के लिए 'जीपीएस' और डिजिटल मॉनिटरिंग
शिविरों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। शिविर दल को प्रतिदिन की रिपोर्ट, रोगी गोश्वारा, और जीपीएस मैप कैमरा लोकेशन के साथ फोटो प्रस्तुत करने होंगे। रोगी पंजिका में दवाइयों के नाम और मात्रा का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य किया गया है।
निःशुल्क दवा वितरण
संस्थान के औषध भंडार से शिविर के लिए पर्याप्त मात्रा में आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। शिविर के समापन के बाद शेष रही औषधियों को पुनः भंडार में जमा कराया जाएगा। इस दौरान संविदा कर्मियों और चिकित्सकों के लिए आवास एवं भोजन भत्ते भी निर्धारित दरों के अनुसार स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्य उद्देश्य:
इस चल चिकित्सा शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है जो अस्पताल तक पहुँचने में असमर्थ हैं।


