'ग्राम रथ' ने संवारा सुनीता का भविष्य: बरसों का इंतजार खत्म, मौके पर मिला भूमि का पट्टा
भरतपुर / कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संचालित 'एलईडी मोबाइल वैन ग्राम रथ अभियान' गुरुवार को सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत चिकसाना पहुँचा। यह शिविर चक दौलतपुर निवासी सुनीता के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया, जहाँ प्रशासनिक संवेदनशीलता के चलते उन्हें अपनी भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) प्राप्त हुआ।
दस्तावेजों की कमी थी बाधा, SDM ने कराया समाधान
लाभार्थी सुनीता ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी भूमि का पट्टा हासिल करने के लिए प्रयासरत थीं। पट्टा न होने के कारण उन्हें बैंक से ऋण लेने और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिविर के दौरान सुनीता ने उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता के समक्ष अपनी समस्या रखी।
एसडीएम भारती गुप्ता ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही दस्तावेजों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक मुस्तैदी का परिणाम यह रहा कि शिविर के दौरान ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर सुनीता को 'स्वामित्व योजना' के तहत पट्टा सौंप दिया गया।
आर्थिक सशक्तिकरण की राह हुई आसान
हाथ में पट्टा थामे सुनीता के चेहरे पर मुस्कान साफ झलक रही थी। उन्होंने बताया कि अब उनके पास भूमि का कानूनी दस्तावेज है, जिससे वे कृषि कार्य और परिवार की जरूरतों के लिए योजनाबद्ध तरीके से बैंक ऋण ले सकेंगी।
लाभार्थी का कथन:
"जब सरकार की योजनाएं इस तरह धरातल पर लागू होती हैं, तभी आमजन के जीवन में बदलाव आता है। ग्राम रथ अभियान जैसे कार्यक्रम हम जैसे ग्रामीणों के लिए वरदान हैं। मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन की शुक्रगुजार हूँ।"
गांव-गांव पहुँच रही जनहितकारी योजनाएं
उल्लेखनीय है कि 'ग्राम रथ' के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभान्वित कर सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाया जाए।


