“पहले मुआवजा, फिर सड़क चौड़ीकरण”संघर्ष समिति का चरणबद्ध आंदोलन तेज
भरतपुर/ कोश्लेंद्र दत्तात्रेय । 9 मई 2026 को सड़क चौड़ीकरण के अंतर्गत प्रभावित व्यापारियों की दुकानों एवं भूमि के अधिग्रहण के विरोध में भरतपुर जिला व्यापार महासंघ द्वारा गठित संघर्ष समिति का चरणबद्ध आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि बिना उचित मुआवजा दिए किसी भी प्रकार का सड़क चौड़ीकरण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। व्यापारियों की मांग है कि पहले प्रभावित दुकानदारों एवं व्यापारियों को उचित मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की जाए।
बैठक की अध्यक्षता भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने की। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित व्यापारियों ने भाग लेकर अपने विचार रखे तथा आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
महासंघ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के प्रथम चरण में 6 मई को प्रभावित बाजार क्षेत्रों में व्यापारियों द्वारा काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया गया था। अब आंदोलन के द्वितीय चरण में 10 मई को सुबह 10 बजे लक्ष्मण मंदिर चौक पर प्रशासन एवं शासन को सद्बुद्धि प्रदान करने हेतु “सद्बुद्धि यज्ञ” का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान चारों ओर काले झंडे लगाए जाएंगे तथा विरोध स्वरूप काले बैनर भी लगाए जाएंगे। सभी व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि प्रशासन व्यापारियों की भावनाओं की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिसे अब व्यापारी समाज किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की वर्षों पुरानी मेहनत और रोजगार को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।
महामंत्री विपुल शर्मा ने कहा कि व्यापारियों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। यदि प्रशासन ने समय रहते व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकता ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र गोयल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यापारी का नहीं बल्कि पूरे व्यापारिक समाज के अस्तित्व का प्रश्न है। प्रशासन को व्यापारी हितों की रक्षा करते हुए संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन ने कहा कि संघर्ष समिति चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगी और आवश्यकता पड़ने पर बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से संगठित रहने का आह्वान किया।
कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज ने कहा कि व्यापारी समाज शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा रहा है, लेकिन यदि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप देने के लिए व्यापारी मजबूर होंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगामी 17 मई को सांकेतिक अनशन किया जायेगा और आवश्कता पड़ी तो प्रशासन के खिलाफ पुतला दहन भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त 26 मई को भरतपुर बंद का आह्वान भी किया जा सकता है। संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने उपस्थित होकर अपने विचार रखे तथा आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि “पहले मुआवजा दो, फिर सड़क चौड़ीकरण करो।”
बैठक में लक्ष्मण मन्दिर प्रांगड़ में स्थित दुकानों को मॉल की श्रेणी से बहार कर यू डी टैक्स से मुक्ति दिलाने की मांग भी रखी गई
मीटिंग में राजेंद्र गोयल, अमित कुमार, राहुल अग्रवाल, गौरव बंसल, शरद गोयल, नेशनल साड़ी, चन्दन करोला, गिरिश सर्राफ,राकेश सर्राफ, अतुल गोयल,मदनमोहन, संजीव, संजय विष्णु कुमार, महेश, प्रेम चन्द गोयल, नीरज कुमार, सिंघल क्लॉथ, वस्त्र मंदिर, इत्यादि लोग शामिल हुए।


