जिला कलेक्टर ने सड़कों पर उतरकर जांची विकास कार्यों की गुणवत्ता, बारिश से पहले नाला निर्माण पूरा करने के अल्टीमेटम
भरतपुर / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने शनिवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया। भीषण गर्मी के बीच कलक्टर ने आधा दर्जन से अधिक पॉइंट पर रुककर सीएफसीडी ड्रेन (CFCD Drain), नाला निर्माण और सड़कों के चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि मानसून की पहली बारिश से पहले जल निकासी की सभी बाधाएं दूर हो जानी चाहिए।
ड्रेन निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने चांदपोल गेट पर ड्रेन निर्माण की धीमी गति को देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की आवक कम करने के लिए बीडीए और नगर निगम 25-25 एचपी के पंप लगाकर जलभराव वाले स्थानों से पानी लिफ्ट करें, ताकि निर्माण कार्य तेजी से हो सके।
25 जून तक बिजली की लाइनें होंगी भूमिगत
कुम्हेर गेट चौराहे पर जिला कलेक्टर ने बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
-
11 केवी लाइन को 25 जून से पहले भूमिगत (Underground) किया जाए।
-
पेयजल, टेलीफोन और इंटरनेट लाइनों को नाले व सड़क के बीच सुव्यवस्थित ढंग से डाला जाए।
-
अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटाने की कार्ययोजना बनाई जाए।
खेल मैदानों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति
लोहागढ़ स्टेडियम में खिलाड़ियों को अभ्यास में होने वाली असुविधा पर जिला कलेक्टर ने चिंता जताई। उन्होंने शहीद स्मारक से हीरादास तक ड्रेन निर्माण में तेजी लाने को कहा ताकि बारिश का पानी स्टेडियम में जमा न हो। इसके अलावा, हीरादास कुंड के ओवरफ्लो पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सफाई के निर्देश दिए गए।
यातायात को सुगम बनाने के लिए 'डायवर्जन प्लान'
जघीना गेट से अनाह गेट तक रुके हुए कार्यों को लेकर कलक्टर ने वैकल्पिक मार्ग (Diversion) तैयार करने के निर्देश दिए। इससे न केवल निर्माण कार्य को गति मिलेगी, बल्कि शहर के मुख्य रास्तों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
"विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारी अतिरिक्त श्रमिक और संसाधन लगाकर 10 से 15 दिनों के भीतर प्रमुख क्रॉसिंग कार्यों को पूरा करें ताकि वर्षा ऋतु में जनता को जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े।"
— कमर चौधरी, जिला कलेक्टर
यह अधिकारी रहे साथ
निरीक्षण के दौरान बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, नगर निगम सचिव विजय प्रताप, अधीक्षण अभियंता योगेश माथुर, विनोद चौहान सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग और आरयूआईडीपी के आला अधिकारी मौजूद रहे।


