श्यामेश्वर धाम में गूँजे बाबा के जयकारे: मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
रामगढ़ (अलवर)
रामगढ़ कस्बे के बहादुरपुर रोड स्थित श्यामेश्वर धाम मंदिर में इन दिनों भक्ति की बयार बह रही है। बाबा श्याम की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के पांच दिवसीय वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुक्रवार रात एक भव्य भजन संध्या (जागरण) का आयोजन किया गया, जहाँ पूरी रात श्रद्धालु बाबा के भजनों पर झूमते रहे।
भजनों की सरिता में डूबा पांडाल
श्याम सखा मंडल और श्री श्याम जन कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस चतुर्थ दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजन और ज्योत प्रज्वलन के साथ हुई।
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गणेश वंदना: अलवर से आए गायक मनोज यदुवंशी ने गणेश वंदना और बालाजी के भजनों से समां बांधा।
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मुख्य आकर्षण: कुमारी विजेता सक्सेना और धर्मवीर ब्रजवासी ने सुरीले भजनों से बाबा का गुणगान किया।
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विशेष प्रस्तुति: रात 2 बजे संत गोपालदास ने मंच संभाला। उनके द्वारा लगवाए गए 'जय श्री श्याम', 'हर हर महादेव' और 'जय गौमाता' के जयकारों से पूरा पांडाल गुंजायमान हो उठा। उन्होंने भोलेनाथ के भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आरती के साथ छप्पन भोग का वितरण
प्रातः 4 बजे बाबा की भव्य आरती के साथ जागरण संपन्न हुआ। इसके पश्चात उपस्थित भक्तों को बाबा का प्रिय छप्पन भोग और मिश्री-मेवे का प्रसाद वितरित किया गया।
संतों का सानिध्य और अतिथियों का सम्मान
जागरण में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सुखवंत सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के लिए ब्रज मेवात राठ के पीठाधीश्वर प्रेमपीठ तिजारा से चेतन्य मोहनाचार्य, भादस गुरुकुल से आचार्य त्यागी जी महाराज, टोडली आश्रम से ब्रह्मा मुनि और गिरवर नाथ आश्रम से बाबा नंदलाल सहित कई संत मंच पर विराजमान रहे।
समिति द्वारा विधायक, संतगणों, श्याम सखा मंडल के प्रतिनिधियों और निशुल्क झांकी दिखाने वाले अंशुल व संजय शर्मा को श्याम नाम का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं बाबा की मूर्ति भेंट कर सम्मानित किया गया।
विशाल भंडारे के साथ वार्षिकोत्सव का समापन
श्री श्याम जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जवाहर तनेजा ने बताया कि शनिवार को महोत्सव के पांचवें और अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें रामगढ़ और आसपास के हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान समिति और श्याम सखा मंडल के सदस्यों ने निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दीं।


