ग्राम रथ अभियान: भरतपुर जिले से सफलता की कहानियाँ, योजना का मिला त्वरित लाभ
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए संचालित 'ग्राम रथ अभियान' भरतपुर जिले के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित जागरूकता शिविरों के माध्यम से कृषकों और पशुपालकों को न केवल योजनाओं की जानकारी मिल रही है, बल्कि मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कर लाभान्वित किया जा रहा है।
सफलता की कहानियाँ: मौके पर हुआ समाधान
- कृषि यंत्रों से सुधरेगी खेती की तकनीक: रूपवास पंचायत समिति की ग्राम पंचायत दौरदा के निवासी लोकेन्द्र कुमार ने ग्राम रथ शिविर में कृषि पर्यवेक्षक से कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी ली। कृषि पर्यवेक्षक की प्रेरणा से उन्होंने ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया, जिसे मौके पर ही स्वीकृत कर दिया गया। लोकेन्द्र को कृषि विभाग से 26 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे उनकी खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा।
- तारबंदी योजना से मिली फसल को सुरक्षा: ग्राम पंचायत खानुआ की लाभार्थी रूपकला ने शिविर में उपस्थित उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को आवारा पशुओं से फसल नुकसान की समस्या बताई। उपखंड अधिकारी के निर्देश पर पटवारी ने तुरंत दस्तावेज पूर्ण करवाए और रूपकला को तारबंदी योजना के तहत सहायता राशि स्वीकृत की गई। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सज्जनवास के सुशील कुमार को भी तारबंदी हेतु 80 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
- वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम: ग्राम पंचायत मलोनी के कृषक ओमप्रकाश को शिविर में मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) प्रदान किया गया। इसके माध्यम से अब वे अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुसार संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर सकेंगे, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होग
प्रशासन की सक्रियता और आभार: इन शिविरों में एलईडी मोबाइल वैन (ग्राम रथ) के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों का डिजिटल प्रदर्शन किया जा रहा है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम रथ अभियान जैसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।


