बढ़ते प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन के बीच हरित क्रांति को जन आंदोलन बनाने का आह्वान, प्रत्येक नागरिक से मानसून में 5 पौधे लगाने की अपील
मुंडावर (खैरथल-तिजारा/ देवराज मीना)। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर आज मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र में आमजन से पर्यावरण संरक्षण करने और धरती पर हरियाली बढ़ाने का पुरज़ोर आह्वान किया गया। तेजी से बढ़ते प्रदूषण, वैश्विक जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित व लगातार हो रहे दोहन के कारण आज हमारी प्रकृति और संपूर्ण पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को आगे आकर प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने संदेश देते हुए कहा कि "एक पेड़, एक जान" केवल एक सामान्य नारा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का मुख्य आधार है। आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाले समय में विशाल वृक्ष बनकर हजारों-लाखों सूक्ष्म जीवों और पशु-पक्षियों को जीवन प्रदान करता है। पेड़-पौधे ही हमें अमूल्य प्राणवायु (ऑक्सीजन), शीतल छाया, फल और स्वच्छ, स्वास्थ्यवर्धक वातावरण उपहार स्वरूप प्रदान करते हैं, जिसके बिना मानव जीवन की कल्पना असंभव है।
इस मौके पर आम जनता से विशेष अपील की गई कि बरसात के इस आगामी हरियाली भरे मौसम का भरपूर लाभ उठाते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम पाँच (5) पौधे लगाने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। इसके साथ ही, केवल वृक्षारोपण ही नहीं बल्कि उन पौधों के जीवित रहने और उनके बड़े होने तक एक अभिभावक की भांति उनकी उचित देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी होगी।
प्रेस नोट के माध्यम से वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश में हरित क्रांति को एक व्यापक जन आंदोलन बनाकर ही हम अपनी आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और खुशहाल भारत का निर्माण कर सकते हैं। पर्यावरण दिवस पर नागरिकों द्वारा यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि आज हम पूरी निष्ठा से प्रकृति की रक्षा और सम्मान करेंगे, तो भविष्य में प्रकृति भी हमारी और हमारे परिवार की रक्षा करेगी। सभी ने एक स्वर में नारा दिया— "आइए, हम सब मिलकर अपनी इस वसुंधरा को हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाएं।"


