अलवर रेलवे स्टेशन पर प्रेमी जोड़े ने खाया जहर: पत्नी की मौत, पति ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहा; गुस्से में आकर उठाया था आत्मघाती कदम
अलवर (राजस्थान) ढाई साल पहले प्रेम विवाह करने वाले एक युवा जोड़े द्वारा आपसी कहासुनी और गुस्से में आकर अलवर रेलवे जंक्शन पर जहर खाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस आत्मघाती कदम के कारण 25 वर्षीय पत्नी निकिता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 27 वर्षीय पति शेरसिंह गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है। जहर खाने के बाद जब दोनों तड़पने लगे, तो पति को अपनी भूल का अहसास हुआ और उसने फोन कर परिजनों से बचाने की गुहार लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
- "मैं मरने जा रहा हूं" और दोनों ने खा लिया जहर
अस्पताल में भर्ती शेरसिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वह घर से बाहर जा रहा था। इसी दौरान पत्नी निकिता ने उससे पूछ लिया कि 'कहां जा रहे हो?' इस साधारण सी बात पर शेरसिंह ने गुस्से में आकर कह दिया कि 'मैं मरने जा रहा हूं।' इस पर निकिता ने भी तैश में आकर तुरंत जवाब दिया, 'अगर तुम मरोगे, तो मुझे भी मरना है।' इसके बाद दोनों घर से निकलकर सीधे अलवर रेलवे जंक्शन पहुंचे। शेरसिंह बाजार से सल्फास खरीदकर लाया। उसने रेलवे स्टेशन परिसर में ही पहले वह जहरीली दवा अपनी पत्नी निकिता को दी और उसके बाद बची हुई दवा खुद निगल ली।
- कॉल कर रोते हुए कहा- 'प्लीज हमें बचा लो'
दवा खाने के कुछ ही देर बाद जब दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे तड़पने लगे, तो शेरसिंह घबरा गया। उसने तुरंत अलवर शहर में रहने वाले अपनी बुआ के लड़के शिवराम को फोन मिलाया और रोते हुए कहा— "भाई, हमने जहर खा लिया है। प्लीज… हमें बचा लो।" यह सुनते ही शिवराम आनन-फानन में अलवर जंक्शन पहुंचा और दोनों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात निकिता ने दम तोड़ दिया।
- डेढ़ महीने पहले हुई थी नवजात बेटी की मौत
मृतका निकिता भरतपुर के रूपबास की रहने वाली थी, जबकि शेरसिंह अलवर के नौगांवा क्षेत्र का निवासी है। दोनों की मुलाकात जयपुर में एक सेंटर पर काम करने के दौरान हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लव मैरिज कर ली थी। परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले ही इस जोड़े के घर एक बेटी ने जन्म लिया था, लेकिन जन्म के कुछ ही दिनों बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से ही दोनों गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रहे थे, जिसके कारण घर में अक्सर मामूली बातों पर अनबन होने लगी थी।
फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार शेरसिंह की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन वह गहरे मानसिक सदमे में है। पुलिस ने मृतका के शव को मोर्च्युरी में रखवाया है और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।


