झुंझुनूं में भीषण सड़क हादसा: बेकाबू स्कॉर्पियो पेड़ से टकराकर पलटी, सेना के हवलदार और महिला पुलिसकर्मी के बेटे की मौत
झुंझुनूं में देर रात बेकाबू स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई: सेना के हवलदार और महिला कांस्टेबल के बेटे की मौत, दो गंभीर
झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना क्षेत्र में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। झुंझुनूं से चिड़ावा की ओर जा रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो N गाड़ी बगड़ तिराहे के तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार सेना के एक हवलदार और झुंझुनूं पुलिस की महिला कांस्टेबल के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही गश्त कर रही 112 नंबर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गाड़ी पूरी तरह डैमेज हो चुकी थी और शव तथा घायल अंदर बुरी तरह फंसे हुए थे। पुलिस ने जेसीबी (JCB) और क्रेन की मदद से गाड़ी के गेट तोड़कर घायलों और शवों को बाहर निकाला।
हादसे में दो की मौत, दो जयपुर रेफर बगड़ थाना ASI रणधीर सिंह ने बताया कि हादसे में नवलगढ़ के कोलसिया निवासी राकेश कुमार दूत (36), जो भारतीय सेना में एजुकेशन हवलदार थे, और झुंझुनूं पुलिस की कालिका यूनिट में तैनात महिला कांस्टेबल सरोज के बेटे नितिन (22) की मौत हो गई। वहीं कार सवार दो अन्य दोस्त अजय कुमार (25) और साक्षक सिहाग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया है। मृतक राकेश कुमार लेह-लद्दाख में तैनात थे और 23 जुलाई को ही छुट्टी पर घर आए थे।
कंपनी पर एयरबैग्स न खुलने का आरोप मृतक के भाई नेमीचंद और लाम्बा गोठड़ा के निवर्तमान सरपंच सचिन ने आरोप लगाया कि करीब 30 लाख रुपए की इस गाड़ी में 6 एयरबैग्स होने के बावजूद टक्कर के दौरान एक भी एयरबैग नहीं खुला। परिजनों का कहना है कि यदि एयरबैग खुल जाते तो दोनों की जान बच सकती थी।
खतरनाक मोड़ पर साइन बोर्ड की मांग प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि बगड़ तिराहे पर अचानक आने वाले तीखे मोड़ के कारण अक्सर हादसे होते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से वहां संकेतक बोर्ड लगाने की मांग की है। पुलिस ने बीडीके अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए हैं और मामले की जांच की जा रही है।

