पेट्रोल पंप कर्मियों की दबंगई, ₹500 के असली नोट को 'नकली' बताकर फाड़ा; ग्राहक के साथ अभद्र व्यवहार, पुलिस में मामला दर्ज
अलवर (राजस्थान) अलवर शहर के मनुमार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। यहाँ पेट्रोल पंप कर्मियों ने एक ग्राहक द्वारा दिए गए ₹500 के नोट को नकली बताते हुए न सिर्फ उस पर पेन चलाया, बल्कि उसे फाड़कर नष्ट भी कर दिया। बाद में जांच करने पर वह नोट पूरी तरह से असली पाया गया। पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित महेश सैनी 17 जून की शाम को मनुमार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी में ₹50 का पेट्रोल भरवाने गए थे। उन्होंने भुगतान के लिए पंपकर्मी को ₹500 का नोट दिया। नोट देखते ही कर्मचारियों ने उसे नकली बताना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई, तो नोट को पंप संचालक के पास भेजा गया। वहाँ संचालक और कर्मचारियों ने नोट पर पेन चलाकर उसकी जांच की और फिर उसे जबरन फाड़ दिया। इस दौरान पीड़ित के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया और उन्हें वहां से भगा दिया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता के साथ पहुंचे तो हुआ हंगामा
घटना के दो दिन बाद पीड़ित महेश सैनी एक सामाजिक कार्यकर्ता को साथ लेकर दोबारा पेट्रोल पंप पहुंचे और नोट फाड़ने का कारण पूछा। इस बात को लेकर पंप कर्मचारियों और पीड़ित पक्ष के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने उस नोट के टुकड़ों की प्रामाणिकता की जांच करवाई, तो वह नोट असली निकला।
पंप कर्मियों की इस हरकत से पीड़ित को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा है। महेश सैनी ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत देकर संबंधित पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बॉक्स आइटम: क्या कहता है नियम? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, किसी भी निजी व्यक्ति, दुकानदार या पेट्रोल पंप कर्मचारी को किसी भी भारतीय मुद्रा (Currency) को फाड़ने या नष्ट करने का अधिकार नहीं है। यदि किसी नोट पर नकली होने का संदेह हो, तो उसे सिर्फ बैंक या पुलिस के सुपुर्द किया जा सकता है। असली नोट को नष्ट करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।


