रेलवे का कड़ा फैसला: अब नियम तोड़े तो जेब होगी ज्यादा ढीली, जुर्माने की राशि दोगुनी
दिखेगी सख्ती; महिला कोच में बैठे पुरुष यात्रियों पर लगेगा ₹2500 का जुर्माना, धूम्रपान और भीख मांगने पर ₹2000 की पेनल्टी
बांदीकुई (दौसा/राजस्थान) रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में होने वाले छोटे-मोटे अपराधों और अराजकता पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने विभिन्न अपराधों के लिए तय जुर्माने की राशि को सीधे दोगुना कर दिया है। लंबे समय से कम जुर्माने के कारण लोग रेलवे के नियमों को हल्के में लेते थे और बार-बार गलतियाँ दोहराते थे। रेलवे को उम्मीद है कि इन नए और कड़े प्रावधानों के बाद अपराधों में भारी कमी आएगी।
नए नियमों के तहत, यदि कोई पुरुष यात्री महिला कोच में अनाधिकृत रूप से बैठा पाया गया, तो उसे ₹2,500 का जुर्माना देना होगा। वहीं, ट्रेन या स्टेशन पर खतरनाक सामान ले जाने वाले यात्रियों पर ₹10,000 की भारी-भरकम पेनल्टी लगाई जाएगी।
- बिना टिकट यात्रा पर अब ₹500 का फटका
अब तक बिना टिकट यात्रा करने पर या किसी दूसरे के टिकट पर सफर करने पर ₹250 का जुर्माना लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर सीधे ₹500 कर दिया गया है। इसके अलावा, ट्रेनों में भीख मांगने वाले और बिना अनुमति के खाद्य पदार्थ (अवैध वेंडर) बेचने वालों पर ₹2,000 तक का जुर्माना ठोंका जाएगा। ट्रेन या परिसर में धूम्रपान (स्मोकिंग) करने पर भी सीधे ₹2,000 की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है।
हुड़दंगियों की खैर नहीं: बार-बार गलती पर ₹5000 अतिरिक्त
- ट्रेन या स्टेशन परिसर में थूकने, नशा करने, हंगामा खड़ा करने या गाली-गलौज करने पर ₹1,000 का जुर्माना लगेगा। यदि कोई अपराधी आदतन बार-बार यही अपराध दोहराता है, तो उसे ₹5,000 का अतिरिक्त जुर्माना भुगतना होगा।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया निर्णय
रेलवे प्रशासन के अनुसार, हेल्पलाइन नंबरों पर महिला कोच में पुरुषों के घुसने, भिखारियों द्वारा यात्रियों को परेशान करने और बिना अनुमति के खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। पहले कार्रवाई होती थी, लेकिन जुर्माना कम होने के कारण अपराधी छूटते ही दोबारा वही काम शुरू कर देते थे। इसी को देखते हुए यह सख्ती लागू की गई है।
- 'ए' श्रेणी का बांदीकुई जंक्शन भी अलर्ट पर
उल्लेखनीय है कि बांदीकुई जंक्शन 'ए' श्रेणी का एक प्रमुख स्टेशन है। यहाँ से रोजाना 50 से अधिक यात्री ट्रेनें गुजरती हैं और प्रतिदिन लगभग 5,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस बड़े बदलाव के बाद अब बांदीकुई जंक्शन पर भी आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) द्वारा चेकिंग अभियान में विशेष सख्ती बरती जाएगी।


