मैंथना में पंचकुण्डी गायत्री महायज्ञ संपन्न, श्रद्धालुओं ने दी आहुतियां गायत्री परिवार के जून अभियान का पांचवां यज्ञ सफल
कठूमर (दिनेश लेखी) अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं गायत्री परिवार अलवर के सानिध्य में चल रहे माता भगवती देवी जन्म शताब्दी समारोह वर्ष के अंतर्गत संचालित “शहर-शहर, ग्रामे-ग्रामे पंचकुण्डी गायत्री महायज्ञ अभियान” के तहत गुरुवार को कठूमर तहसील के ग्राम मैंथना में पंचकुण्डी गायत्री महायज्ञ एवं दीप यज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां समर्पित कीं तथा सामूहिक गायत्री मंत्र जप के माध्यम से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
गायत्री परिवार कठूमर द्वारा जून 2026 में तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में पंचकुण्डी गायत्री महायज्ञ आयोजित करने का संकल्प लिया गया था। इसी क्रम में बड़का, शेखपुरा, खेरली तर्फ रेला एवं खेड़ा मैदा में चार महायज्ञ पूर्व में सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके थे। ग्राम मैथना में आयोजित यह पांचवां और अंतिम महायज्ञ रहा, जिसके साथ जून माह का निर्धारित अभियान पूर्ण हो गया।
यज्ञीय कार्यक्रम का संचालन शेरसिंह गुर्जर, भगवानसिंह डागर, नरेश कुमार बीजला तथा ओमबीर मैंथना की यज्ञ टोली द्वारा वैदिक रीति- रिवाजों एवं विधि- विधान के अनुसार कराया गया। यज्ञ के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को गायत्री साधना, संस्कार निर्माण, परिवार प्रबोधन एवं सामाजिक जागरण के संदेश भी दिए गए।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में पांच सदस्यीय महिला मंडल का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही दो व्यक्तियों ने नशा मुक्ति का मानसिक संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणादायक पहल की।
गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता चौधरी चरणसिंह ने बताया कि जून माह में निर्धारित पांच गांवों के अभियान की सफलता से उत्साहित होकर अब खेरली उपतहसील क्षेत्र के पांच अन्य गांवों में भी पंचकुण्डी गायत्री महायज्ञ आयोजित करने की कार्ययोजना शीघ्र तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि यज्ञ अभियान का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिकता, सदाचार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक जागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। महायज्ञ के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना करते हुए दीप यज्ञ में सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।


