10 माह पहले बने नाले का निकास नहीं: क्षतिग्रस्त कुएं में समा रहा बारिश का पानी, आसपास की जमीन धंसने से बड़े हादसे की आशंका
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। नगर परिषद खैरथल के वार्ड-40 (रायपुर मेवान) में प्रशासनिक अनदेखी के कारण ग्रामीणों पर बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। नाला निर्माण के 10 माह बीत जाने के बावजूद जल निकासी का पुख्ता इंतजाम न होने से मानसून की बारिश और पहाड़ी क्षेत्र का पानी आबादी के पास स्थित एक पुराने कुएं में समा रहा है। लगातार जलभराव के कारण कुएं के आसपास की जमीन धंसने लगी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
समस्या सुलझाने के बजाय कुएं को JCB से तोड़ा ग्रामीणों के अनुसार, रायपुर मेवान पहले ग्राम पंचायत नूरनगर के अधीन था। करीब 10 महीने पहले पंचायत द्वारा नाले का निर्माण तो कराया गया, लेकिन इसके अंतिम छोर पर निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। जब ग्रामीणों ने नाले में जलभराव की शिकायत की, तो समाधान निकालने के बजाय जिम्मेदार अधिकारियों ने आबादी के पास बने पुराने कुएं को जेसीबी से तुड़वा दिया। नतीजा यह हुआ कि कुआं खंडहर में तब्दील हो गया और अब सारा पानी सीधे इसी कुएं में जाकर जमीन को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है।
रास्ते प्रभावित, आवाजाही से मंडराया खतरा कुएं के आसपास ग्रामीणों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। पानी के रिसाव से कुएं का ढांचा कमजोर हो चुका है और मुख्य रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो कुएं की दीवार या आसपास की जमीन अचानक बैठ सकती है, जिससे कोई भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
आश्वासन के 3 दिन बीते, मौके पर नहीं पहुंचा कोई अधिकारी मामले को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से लेकर नगर परिषद तक गुहार लगाई। इसके बाद अतिरिक्त कलेक्टर (एडीएम) शिवपाल जाट को दूरभाष पर स्थिति से अवगत कराया गया। एडीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया था। हालांकि, आश्वासन के तीसरे दिन भी नगर परिषद का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

