महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में उमड़ा भक्ति का सैलाब: कांवड़ियों ने मंत्रोच्चार के साथ पवित्र गंगाजल से किया भोलेनाथ का जलाभिषेक
महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कांवड़ियों ने पवित्र गंगाजल से किया भोलेबाबा का जलाभिषेक
अलवर (अनिल गुप्ता)। जिले सहित आसपास के संपूर्ण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थलों से पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने विधि-विधान से हवन-पूजन एवं मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक से धर्ममय हुआ माहौल हरिद्वार, गंगोत्री एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नारायणीधाम सहित विभिन्न पवित्र तीर्थों से पैदल कांवड़ लाकर पहुंचे कांवड़ियों ने स्थानीय शिव मंदिरों में भगवान आशुतोष का गंगाजल से अभिषेक किया। जलाभिषेक से पूर्व मंदिरों में हवन-पूजन एवं संगीतमय संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें कांवड़ियों के साथ-साथ सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शिवालयों में लगा भक्तों का तांता महाशिवरात्रि पर तड़के से ही शिव मंदिरों में आम श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का दूध, पंचामृत एवं जल से अभिषेक किया। भोलेबाबा को तिलक लगाकर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, शमीपत्र, ऋतुफल एवं गन्ने का रस अर्पित कर मनवांछित फल व सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।
शिव भजनों पर थिरकीं महिलाएं, हुआ भंडारे का आयोजन कांवड़ यात्रा के साथ आए डीजे पर बज रहे भोलेनाथ के मधुर भजनों पर महिला श्रद्धालुओं ने झूमते-नाचते हुए अपनी भक्ति प्रकट की। कांवड़ चढ़ाने और मुख्य पूजा-अर्चना संपन्न होने के पश्चात विभिन्न शिव मंदिरों पर विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

