जहाजपुर बंद का मिला-जुला असर: उप जिला अस्पताल की नई जगह को लेकर गरमाई सियासत
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। उप जिला अस्पताल को नए स्थान पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव ने जहाजपुर के सियासी और सामाजिक पारे को चढ़ा दिया है। वरिष्ठ नागरिक मंच द्वारा मंगलवार को दिए गए 'जहाजपुर बंद' के आह्वान का बाजार में मिला-जुला असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के मुख्य बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों को लेकर मिली-जुली तस्वीर सामने आई; जहां एक ओर कई व्यापारियों ने स्वैच्छिक रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर कई दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं।
विधायक और संघर्ष समिति आमने-सामने अस्पताल के स्थान परिवर्तन को लेकर बीते कई दिनों से क्षेत्र में असंतोष पनप रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाल ही में विधायक गोपीचंद मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का रुख स्पष्ट किया था और नई जगह अस्पताल निर्माण के फायदों को रेखांकित किया था। हालांकि, इसके तुरंत बाद अस्पताल संघर्ष समिति ने पलटवार करते हुए प्रेस वार्ता की और स्थान परिवर्तन के फैसले को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
माइक से मुनादी, उपखंड कार्यालय पर जुटेंगे लोग आंदोलन को धार देने के लिए वरिष्ठ नागरिक मंच और अस्पताल संघर्ष समिति मंगलवार दोपहर 2 बजे उपखंड कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। विरोध प्रदर्शन में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए संघर्ष समिति द्वारा शहरभर में माइक से मुनादी करवाकर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में उपखंड कार्यालय पहुंचने की अपील की जा रही है।
व्यापारियों में बंटे विचार बाजार बंद के दौरान व्यापारियों के बीच भी मतभेद साफ नजर आए। कुछ व्यापारिक संगठनों ने संघर्ष समिति की मांगों का समर्थन करते हुए दुकानें बंद रखीं, जबकि अन्य व्यापारियों का मानना था कि व्यापार प्रभावित करने के बजाय अन्य तरीकों से विरोध दर्ज कराया जाना चाहिए। इसी विभाजन के कारण पूरा बाजार पूरी तरह ठप नहीं हो सका।
फिलहाल, उप जिला अस्पताल के नए भवन को लेकर जहाजपुर में समर्थन और विरोध का दौर जारी है। दोपहर 2 बजे ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान जुटने वाली भीड़ और प्रशासन के रुख पर अब शहरवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।

