विकसित भारत जी-राम जी योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ; मनरेगा से आगे बढ़कर 125 दिन रोजगार की गारंटी

Jul 2, 2026 - 18:40
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विकसित भारत जी-राम जी योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ;  मनरेगा से आगे बढ़कर 125 दिन रोजगार की गारंटी

भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से विकसित भारत जी-राम जी योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया। 
इस अवसर पर भरतपुर जिला मुख्यालय स्थित जिला कलक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया, जिसमें अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेखा रानी, राजीविका जिला परियोजना प्रबंधक भारती भारद्वाज, सेवर ब्लॉक विकास अधिकारी विनय मित्र, गिरधारी तिवारी, शैलेश कौशिक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा किसान उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी योजना ग्रामीण भारत के गरीबों, मजदूरों, किसानों तथा वंचित वर्गों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब मजदूर काम के अभाव में परेशान न हो और प्रत्येक हाथ को काम तथा प्रत्येक परिवार को आजीविका का आधार मिले। यह योजना इसी संकल्प को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मनरेगा से आगे बढ़ी योजना, अब 125 दिन तक रोजगार की पक्की गारंटी
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि पूर्व में मनरेगा के तहत 100 दिवस रोजगार की गारंटी का प्रावधान था, किंतु विकसित भारत जी-राम जी योजना के माध्यम से इसे बढ़ाकर 125 दिवस कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार के दिनों में वृद्धि नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन स्तर में सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा श्रमिकों के सम्मान को बढ़ाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन है। उन्होंने बताया कि योजना लागू होने के प्रथम दिवस से ही देशभर में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा की अवधारणा को और अधिक प्रभावी, व्यापक और परिणामोन्मुख बनाते हुए इस योजना के रूप में आगे बढ़ाया गया है। चौहान ने योजना के वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके प्रथम वर्ष में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहेगी। राज्यों की लगभग 40 प्रतिशत भागीदारी को सम्मिलित करने पर कुल वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह राशि देश की 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को प्रतिवर्ष औसतन 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा तथा स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण संभव हो सकेगा।
गांव का विकास गांव की जरूरतों के अनुसार, ग्राम सभा तय करेगी कार्य
चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गांव में कौन-सा कार्य कराया जाना है, इसका निर्णय स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन, स्कूल, अस्पताल, खेत-सड़क, तालाब, चेकडैम, बांध, एफपीओ से संबंधित आधारभूत संरचनाएं, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा हेतु निर्माण कार्य अथवा अन्य आवश्यक विकास कार्यों का चयन गांव की जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “गांव का फैसला गांव में” की अवधारणा इस योजना की मूल भावना है। साथ ही राज्यों को पंचायतों का ए, बी और सी श्रेणीकरण कर पिछड़ी पंचायतों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की सलाह भी दी गई, ताकि दूरस्थ एवं अविकसित क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज किया जा सके। 
इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए तथा लगभग 425 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना अंत्योदय की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा  कि राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी के लिये 12 हजार 636 करोड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने देवमाली में 2 करोड रूपये की लागत से आश्रय स्थल की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार, बेहतर आजीविका, कौशल विकास तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। राज्य सरकार सुशासन, जनसहभागिता और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा प्रदेशवासियों से हरियालो राजस्थान अभियान के तहत अधिकाधिक पौधारोपण करने की अपील भी की। 

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