ठाकुरजी की जमीन पर 'भू-माफिया' की नजर; खरखड़ा में मंदिर की 4.10 हेक्टेयर जमीन का अवैध बेचान, SDM को सौंपा ज्ञापन
मालाखेड़ा (अलवर/अनिल गुप्ता) अलवर जिले के ग्रामीण अंचलों से आस्था और जनसमस्याओं से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई हैं। जहां मालाखेड़ा के खरखड़ा गांव में मंदिर की करोड़ों की जमीन को मिलीभगत कर बेचने का गंभीर मामला गरमा गया है। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मालाखेड़ा उपखंड के ग्राम खरखड़ा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ठाकुरजी सीतारामजी मंदिर की करीब 4.10 हेक्टेयर (आराजी) जमीन को मिलीभगत कर बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में आक्रोशित ग्रामीणों ने SDM मालाखेड़ा को एक ज्ञापन सौंपकर इस जमीन का इंतकाल (म्यूटेशन) तुरंत रुकवाने की मांग की है।
- पुजारी पर मिलीभगत कर जमीन बेचने का गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने मंदिर के पुजारी रामदयाल पर सीधा आरोप लगाया है कि उसने राजस्व कर्मचारियों के साथ मिलीभगत की और मंदिर की पैतृक जमीन को अपने नाम करवाकर चोरी-छिपे बेच दिया। ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 626, 627, 688, 736, 737, 738/849, 739, 740, 744, 745, और 752 की यह जमीन रिकॉर्ड में शुरू से ही मंदिर के नाम दर्ज है। आज भी इस जमीन पर मंदिर का ही कब्जा है और ग्रामीण इस पर काश्त (खेती) कर मंदिर में भोग लगाते हैं।
- धार्मिक भावनाएं आहत, कानूनी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने साफ कहा है कि मंदिर की जमीन के इस अवैध बेचान से पूरे गांव की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और लोगों में भारी गुस्सा है। उन्होंने इस पूरे फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक उपखंड अधिकारी (SDM) धीरेंद्र कुमार ने बताया कि मंदिर माफी की जमीन के विवाद को लेकर खरखड़ा गांव के ग्रामीण आए हैं और मामले की जांच की जा रही है।


