जोधपुर जिले के विशालु कला में खूनी संघर्ष 7 दिन बाद खुशाल सिंह ने तोड़ा दम; शव मोर्चरी में रख धरने पर बैठे ग्रामीण, फरार उप-सरपंच की गिरफ्तारी पर अड़े
बावड़ी (मिश्रीलाल लखारा) बावड़ी उपखंड क्षेत्र के खेड़ापा थाना इलाके के बिरसालु कला गांव में बीती 25 जून को हुए रूह कंपा देने वाले खूनी खेल में आखिरकार एक बेहद दुखद मोड़ आ गया है। कुल्हाड़ियों के ताबड़तोड़ वार से गंभीर रूप से घायल हुए मुख्य पीड़ित खुशाल सिंह ने मथुरादास माथुर अस्पताल जोधपुर के इलाज के दौरान आईसीयू में दम तोड़ दिया । घटना के बाद से ही वे लगातार अचेत रहे खुशाल सिंह की मौत के बाद अब पुलिस ने मामले को जानलेवा हमले से हत्या की संगीन धाराओं में तब्दील कर दिया है। इस दुखद खबर के बाद से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
पीड़ित परिवार और भारी संख्या में ग्रामीणों ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी उप-सरपंच और उसके सहयोगियों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।
सियासी रसूख के दम पर मुख्य आरोपी उप-सरपंच अब भी फरार
वारदात को एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी और वर्तमान उप-सरपंच करण सिंह पुलिस की पकड़ से दूर खुलेआम घूम रहा है। परिजनों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस मुख्य आरोपियों पर हाथ डालने से कतरा रही है, जिससे पीड़ित परिवार गहरे खौफ में जीने को मजबूर है।
यह पूरी वारदात 25 जून की शाम को हुई थी, जब खेत से लौटते समय खुशाल सिंह पर घात लगाकर हमला किया गया। बीच-बचाव करने आए उनके भाई हुक्म सिंह और पड़ोसी मेघवाल दंपति पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी और लाठियों से बर्बर हमला किया था।
इन आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज
पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस ने कुल 17 नामजद व 30-35 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पूरी सूची इस प्रकार है:
मुख्य आरोपी व मुख्य साजिशकर्ता:
- 1. करण सिंह (पुत्र भंवर सिंह) - मुख्य आरोपी व वर्तमान उप-सरपंच (फरार)
- 2. बाबू सिंह (पुत्र बदन सिंह) - मुख्य आरोपी
- 3. गिरधारी सिंह (पुत्र प्रेम सिंह) - मुख्य साजिशकर्ता हमले में शामिल उप-सरपंच करण सिंह के परिवार के सदस्य
- 4. कंचन कंवर (उप-सरपंच करण सिंह की पत्नी)
- 5. करण सिंह की माता
- 6. करण सिंह की पुत्री आरोप है कि ये सभी महिलाएं लाठियां लेकर सरेआम हमले में शामिल थीं
अन्य नामजद आरोपी
- 7. नखत सिंह (पुत्र धन्ने सिंह
- 8. खेत सिंह पुत्र प्रेम सिंह)
- 9. आशी कंवर पत्नी खेत सिंह
- 10. ओंकार सिंह पुत्र मोहन सिंह
- 11. युवराज सिंह पुत्र करण सिंह)
- 12. चूतर सिंह पुत्र मोहन सिंह
- 13. मोहन सिंह पुत्र बदन सिंह
- 14. नेनू कंवर पत्नी प्रेम सिंह
- 15. धन्ने सिंह पुत्र अर्जुन सिंह)
- 16. पुनराज सिंह पुत्र धन्ने सिंह
- 17. जीतू सिंह निवासी बिरलोका, खींवसर
- 18. श्रवण सिंह पुत्र खेत सिंह
- 19. गिरधारी सिंह पुत्र मोहन सिंह
मोर्चरी के बाहर तनाव, भारी पुलिस जाब्ता तैनात
खुशाल सिंह की मौत के बाद अस्पताल और मोर्चरी के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। धरने पर बैठे ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की मांग है कि: उप-सरपंच करण सिंह समेत सभी 17 नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
बीच-बचाव करने आई पड़ोसी महिला बाबूदेवी मेघवाल के कपड़े फाड़ने और जातिसूचक अपमान करने के मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई हो।
पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और गवाहों को पुलिस सुरक्षा दी जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देता, उनका यह धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।


