नगरीय निकाय आम चुनाव-2026; चुनावी व्यय की प्रस्तावित दरों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

Aug 29, 2026 - 20:25
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नगरीय निकाय आम चुनाव-2026; चुनावी व्यय की प्रस्तावित दरों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार पर किए जाने वाले व्यय के लिए विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की प्रस्तावित दरों के निर्धारण को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रचार के दौरान उपयोग में आने वाली विभिन्न सामग्री एवं सेवाओं की प्रस्तावित दरों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रस्तावित दरों के संबंध में सुझाव एवं आपत्तियां भी आमंत्रित की गईं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रत्याशियों के चुनावी व्यय का निर्धारित नियमों के अनुरूप लेखा-जोखा रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल एवं अभ्यर्थी राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की निर्धारित दरों के आधार पर ही चुनाव प्रचार पर व्यय करें। उन्होंने बताया कि निर्वाचन हेतु विभिन्न मदों में किए जाने वाले खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार नगर निगम पार्षद के लिए 3.50 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षद के लिए 2.50 लाख रुपये तथा नगरपालिका सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये की अधिकतम निर्वाचन व्यय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को निर्वाचन परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर अपने चुनावी व्यय का लेखा-जोखा संबंधित व्यय प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज पर रहेगी कड़ी निगरानी
बैठक में निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज की प्रभावी निगरानी को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज के मामलों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन के दौरान राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की मंशा से मीडिया के माध्यम से प्रसारित अथवा प्रकाशित कराई जाने वाली पेड न्यूज के मामलों की निगरानी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिले में जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) का गठन किया गया है।
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया पर रहेगी निगरानी
जिले में निर्वाचन अवधि के दौरान मीडिया की प्रभावी निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक मीडिया प्रकोष्ठ का भी गठन किया गया है । मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं समाचार कटिंग का संधारण किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार टेलीविजन, केबल, कम्प्यूटर, रेडियो, इंटरनेट एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया माध्यमों पर प्रसारित विज्ञापनों, संदिग्ध पेड न्यूज तथा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
संदिग्ध पेड न्यूज पर अभ्यर्थी को मिलेगा जवाब प्रस्तुत करने का अवसर
किसी समाचार को प्रथम दृष्टया संदिग्ध पेड न्यूज पाए जाने पर संबंधित प्रकरण जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी द्वारा किसी समाचार को पेड न्यूज माने जाने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी को नोटिस की तामील के 48 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा पेड न्यूज स्वीकार किए जाने अथवा निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार संबंधित समाचार की लागत उसके निर्वाचन व्यय खाते में जोड़ी जाएगी।
यदि अभ्यर्थी संबंधित समाचार को पेड न्यूज मानने से इनकार करता है तो प्रकरण पुनः जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा तथा नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
राज्य स्तरीय समिति में की जा सकेगी अपील
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के निर्णय के विरुद्ध अभ्यर्थी मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष 48 घंटे के भीतर अपील कर सकेगा। कमेटी द्वारा किसी समाचार को पेड न्यूज घोषित किए जाने पर उसकी लागत निर्धारित दरों के आधार पर ज्ञात कर संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में शामिल की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित पेड न्यूज के मामलों में प्रसारण के समय एवं अवधि के आधार पर लागत निर्धारित की जाएगी। पेड न्यूज से संबंधित मामलों का पृथक रजिस्टर भी निर्धारित प्रारूप में संधारित किया जाएगा।
इस अवसर पर बैठक में अति. निदेशक पेंशन एवं पेशनर्स कल्याण विभाग आशापाल मौर्य, वीरेन्द्र सिंह, हरिओम, दयाचन्द पचौरी, योगेश सिंघल, मुकेश सिंघल, चुनाव शाखा के हेमन्त शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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