राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मुंडिया खेड़ा में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) तहसील क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मुंडिया खेड़ा में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम में संस्था प्रधान हुकम सिंह मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं सादगी के सिद्धांतों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं देशभक्ति के आदर्शों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के जीवन एवं विचारों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विद्यालय के शिक्षक मुबारिक, सुलोचना कुमारी, शांति मीणा, कुम्हेर सिंह गुर्जर, राहुल कुमार प्रजापत एवं अभिनव गौर ने भी विद्यार्थियों को गांधी जी एवं शास्त्री जी के जीवन, संघर्ष एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी तथा उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय SMC अध्यक्ष इसराइल खान ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन सादगी, सत्य, त्याग एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को आत्मसात करने की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता, सत्य एवं अहिंसा, देशभक्ति तथा महापुरुषों के जीवन से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ, भाषण एवं प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने गांधी जी के स्वच्छता संदेश तथा शास्त्री जी के प्रसिद्ध मंत्र “जय जवान, जय किसान” के माध्यम से देशसेवा एवं जिम्मेदारी का संदेश दिया।
विद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं जागरूकता से संबंधित गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के प्रति श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति की भावना देखने को मिली।
“सत्य, अहिंसा, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा — यही महापुरुषों के जीवन की सच्ची प्रेरणा है।” कार्यक्रम का समापन विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा राष्ट्रहित में सदैव योगदान देने का संकल्प दिलाते हुए किया गया।

