गोविंदगढ़ चुनाव परिणाम: दो ग्राम पंचायतों में 'सियासी विरासत' बरकरार; पति-पत्नी ने एक-दूसरे को सौंपी गांव की कमान
गोविंदगढ़ (अलवर)। गोविंदगढ़ पंचायत समिति की 28 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव परिणाम संपन्न होने के बाद एक बेहद दिलचस्प और रोचक तस्वीर सामने आई है। इस बार दो ग्राम पंचायतों में सरपंच का पद एक ही परिवार यानी पति-पत्नी के पास ही सिमट कर रह गया है। दोनों ही स्थानों पर सत्ता का हस्तांतरण परिवार के भीतर ही होगा।
खेड़ा मेहमूद: पत्नी अपने पति को सौंपेंगी चार्ज
ग्राम विकास अधिकारी हेमंत कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत खेड़ा मेहमूद में पिछले कार्यकाल में राधा भाटी सरपंच पद पर निर्वाचित हुई थीं। इस बार सीट की श्रेणी सामान्य होने के कारण उनके पति नीरज भाटी ने चुनाव मैदान में किस्मत आजमाई और जीत दर्ज की। अब इस ग्राम पंचायत में निवर्तमान सरपंच पत्नी अपने पति को ग्राम पंचायत का आधिकारिक पदभार/चार्ज सौंपेंगी।
नसवारी: पति अपनी पत्नी को देंगे ग्राम पंचायत का प्रभार
दूसरी ओर, ग्राम विकास अधिकारी शंकर लाल कीर के अनुसार, ग्राम पंचायत नसवारी में बीते चुनावों में अनवर खान सरपंच चुने गए थे। इस बार सीट के समीकरण बदलने पर उनकी पत्नी जमशीदा ने सरपंच पद का चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। नसवारी में पति अपनी पत्नी को ग्राम पंचायत का चार्ज सौंपेंगे।
विकास कार्य और जनसेवा बनी जीत का मुख्य आधार
दोनों नवनिर्वाचित सरपंचों ने अपनी जीत का श्रेय जनता के विश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में जनता के बीच रहकर जनभावनाओं के अनुरूप कराए गए विकास कार्य और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना ही उनकी इस जीत का मुख्य आधार साबित हुआ है।

