'सुधार, साहित्य और समाजसेवा': महुवा में कवि सम्मेलन के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार, रक्तदान कर युवाओं ने पेश की मिसाल

Oct 26, 2026 - 16:56
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'सुधार, साहित्य और समाजसेवा': महुवा में कवि सम्मेलन के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार, रक्तदान कर युवाओं ने पेश की मिसाल

महुवा। (अवधेश अवस्थी)

महुवा विधानसभा क्षेत्र के कस्बा मंडावर में 'आज़ाद कलम ट्रस्ट (रजि.)' के तत्वावधान में हिंगोटा निवासी विकास कुमार मीणा के जन्मदिन के अवसर पर एक भव्य रक्तदान शिविर एवं विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अनूठे आयोजन के माध्यम से समाजसेवा, साहित्य और मानवीय संवेदनाओं का एक खूबसूरत संदेश दिया गया।

 दिन में रक्तदान, शाम को साहित्यिक रंग

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि विकास कुमार के जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए दिन में विशाल रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वहीं शाम को आयोजित विराट कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न अंचलों से आए नामचीन कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक भावविभोर रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन व वंदना के बाद किशोर नवगीत द्वारा 'आज़ाद कलम के प्राणगीत' की प्रस्तुति के साथ हुआ।

 देश के ख्यातिप्राप्त कवियों ने बांधा समां

कवि सम्मेलन के दौरान विभिन्न रसों की फुहारों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया:

  • कन्नू सैनी ने अपनी शानदार शायरियों से दाद बटोरी।

  • अनुराग ‘प्रेमी’ ने नारी शक्ति और उसके महत्व पर दिल को छू लेने वाली कविता पेश की।

  • अनिल ‘आज़ाद’ ने ओज और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं से हॉल में नया जोश भर दिया।

  • राजकुमार ‘राज’ ने लोकजीवन और प्रेम के भावों को खूबसूरत अभिव्यक्ति दी।

  • अशोक दीप एवं रवि सरोहा के सुमधुर गीतों और डॉ. सुनील बैफलावत के ग़ज़ल पाठ को सराहा गया।

  • सोनिका सवेरा की शृंगारिक रचनाओं ने श्रोताओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।

 कुरीतियों पर करारा प्रहार और व्यंग्य

वरिष्ठ कवि रामेश्वर प्रसाद करुण ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और मृत्युभोज जैसी कुरीतियों पर प्रहार करते हुए सामाजिक चेतना जगाने वाली रचनाएं प्रस्तुत कीं। किशोर नवगीत ने मानवीय संवेदनाओं से भरे गीत सुनाए। हास्य-व्यंग्य के कवि अजीत जैन सुमन ने समसामयिक विषयों पर करारे व्यंग्य बाण छोड़े, वहीं रामकिशोर प्रजापति ने भक्ति भाव और वर्तमान में बढ़ती महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी।

 लोकतंत्र, मीडिया और सत्ता पर तंज

कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि धर्मेन्द्र कुमार ‘धर्मी’ ने किया। अपने धारदार संचालन के दौरान उन्होंने समकालीन परिवेश में सत्ता, विपक्ष और मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विवेक, जवाबदेही और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने हास्य और संवाद के सटीक तालमेल से श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।

 कवियों का सम्मान और आभार

कार्यक्रम में आज़ाद कलम ट्रस्ट के राष्ट्रीय संरक्षक राजेन्द्र यादव ‘आज़ाद’, ओमप्रकाश मीणा एवं रमसीलाल सहित कई गणमान्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान मंच से आए सभी कवियों का साफा व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। जन्मदिन को सामाजिक जिम्मेदारी और साहित्यिक गतिविधियों से जोड़ने के इस प्रयास की क्षेत्र भर में सराहना हो रही है।

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